उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में कन्या भ्रूण हत्या एक आधुनिक घटना नहीं है, लेकिन प्राचीन काल से ज्ञात है। शिशु हत्या के रूप में प्रचलित, यह प्रथा उन्नीसवीं शताब्दी से भारत में कई समुदायों में बनी हुई है। इस कुप्रथा ख़त्म करने के लिए सरकार द्वारा पारित अठारह सौ सत्तर के अधिनियम के बावजूद, इसे हत्या माना गया । अपराध करने वालों को मौत या आजीवन कारावास की सजा दी जाती थी। लेकिन बेटियों की हत्या का अपराध बंद नहीं हुआ । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।