उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि घरेलू उत्पाद में महिलाओं के योगदान के संदर्भ में, भारत में महिलाओं का योगदान केवल सत्रह प्रतिशत है, जबकि वैश्विक औसत महिलाओं का योगदान सैंतीस प्रतिशत है। यदि महिला भी पुरुषों के समान अर्थव्यवस्था में भागीदारी करे तो,वर्ष 2025 तक भारत के वार्षिक जी. डी. पी. में 2.9 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि हो सकती है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने से उनके परिवार, समुदाय और समाज को लाभ होता है।सरकार ने आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल की हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
