उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से प्रियंका सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि एक महिला के लिए शारीरिक , मानसिक , भावनात्मक , मनोवैज्ञानिक या किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा यौन शोषण किए जाने के लिए कानून का सफल कार्यान्वयन आवश्यक है जिसके साथ महिला का परिवार घरेलू हिंसा में शामिल है । जब घरेलू हिंसा की पीड़ित को जल्दी न्याय मिले , घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को सक्षम बनाया जाए , जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा , ताकि वे गृहिणी बन सकें , तो संयम रखा जा सकता है । केवल एक शिक्षित , आत्मनिर्भर महिला ही समाज को मजबूत बना सकती है । घरेलू हिंसा के कानून को सख्त बनाया जाना चाहिए जब लड़की अपना जीवन लड़ने में सक्षम नहीं हो । उसकी शादी तभी होनी चाहिए जब वह सीढ़ियों पर खड़े होने के योग्य हो ।
