Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

नमस्कार साथियों ,मोबाइल वाणी लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उनके लिए है जो एमएसएस मध्यम स्टाफिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़कर टेली कॉलर एग्जीक्यूटिव के पद पर काम करना चाहते है।नौकरी करने का कार्यस्थल वाराणसी ,उत्तरप्रदेश होगा। न्यूनतम12 वीं पास अनुभवी व्यक्ति इस पद के लिए आवेदन कर सकते है।आवेदनकर्ता को हिंदी और इंग्लिश भाषा का ज्ञान होना चाहिए इतना ही नहीं आवेदनकर्ता का चयन साक्षात्कार के आधार पर होगा। चयनित व्यक्तियों को प्रतिमाह 10,086 से 15,105 रूपए वेतन दिया जाएगा। साथ ही हेल्थ इन्शुरन्स ,लाइफ इन्शुरन्स और प्रोविडेंट फण्ड की भी अतिरिक्त सुविधा दी जाएगी। इच्छुक व्यक्ति कंपनी के इस नंबर पर संपर्क कर इस पद से सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है। कंपनी का नंबर है : 9079060722 . तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।

हुजूरपुर (बहराइच)। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण पतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर हर किसी में उत्साह है। जानकार बताते है कि वर्ष 1989 में राम मंदिर आंदोलन के समय यहां के तमाम लोग रामनाम अंकित ईंट लेकर घर-घर पहुंच राम मंदिर निर्माण की अलख जगाने का काम कर रहे थे। दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर उत्तराखंड के सितारगंज जेल में भी कैद किया गया था। वर्ष 1989 में जब मंदिर निर्माण का आंदोलन जोर पकड़ रहा था उस समय लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा निकल चुकी थी।उसी समय हुजूरपुर क्षेत्र में भी लोग रामनाम अंकित ईंट लेकर घर-घर जाकर मंदिर निर्माण की अलख जगाने का काम कर रहे थे। इन कार सेवकों का नारा था कि कसम राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनायेंगे। इनमें जो कार सेवक शामिल थे उनमें अब दिवंगत हो चुके पंडित लक्ष्मीनारायण शुक्ला, राजबख्श सिंह, सियाराम यादव, संतराम दुबे, विश्वदेव पाठक, रामफेरन शुक्ला, अमर सिंह,शीतला सिंह आादि शामिल थे। यह सभी लोग ग्रामीण अंचल मे अलख जगाने के बाद हजारों की संख्या में लोगों को लेक अयोध्या कारसेवा के लिए निकल चुके थे। इनमें कइयों को गिरफ्तार कर लिया गया और उत्तराखंड की सितारगंज जेल भेज दिया गया। यह वो सूरमा थे जो सरकारों से अपनी लड़ाई लड़ते रहे इस आश मे कि एक न एक दिन अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर जरूर बनेगा। राम मंदिर निर्माण की आश लिए यह पूण्य आत्माएं तो स्वर्ग सिधार गईं पर आज उनकी आत्माएं स्वर्ग में भव्य अयोध्या, सुंदर अयोध्या व उसमें बन रहे राम मंदिर को देखकर जरूर खुश हो रही होंगी की उन्होंने जो सपना देखा था वह आज साकार हो रहा है।

रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा कस्बा के रामजानकी मंदिर में 22 जनवरी को धूमधाम के साथ पूजा-अर्चना करने की तैयारी बनाई जा रही है। यह मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना है। यह बड़ी छावनी अयोध्या से जुड़ा बताया जाता है। ऐसा बताया जाता है कि यहां की परंपरागत गुरु गद्दी बड़ी छावनी अयोध्या महंत के स्तर से ही तय की जाती है। अयोध्या के महंत भी समय-समय पर यहां आते रहते हैं। रुपईडीहा में रामजानकी मंदिर की स्थापना काल के बाद से सर्वप्रथम महंत रामजानकीदास नियुक्त किए गए। इसके बाद क्रमश: बाबा बलदेव दास, राम प्रिय दास, गुरुदेव परमहंस रामचंद्र दास वर्तमान व भगवान दास महंत बने। मंदिर की पूजा-पाठ की जिम्मेदारी पुजारी हरिहर दास के जिम्मे है। पूर्व में मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे गुरुओं की याद में उनकी प्रतिमाएं भी बनाई गई हैं।

बहराइच। जिले में सर्दी का सितम लगातार जारी है। सोमवार की सुबह एक बार फिर जिला घने कोहरे की चादर से ढका रहा। कोहरे के चलते सुबह के समय अधिकांश लोग घरों में कैद रहे। वहीं कोहरे का असर मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर भी पड़ा। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन सर्द हवाओं के आगे बेअसर रही। तेज हवाओं के चलते तराई का न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़क गया।तराई में कोहरे का प्रकोप लगातार जारी है। रविवार की सुबह-सुबह धूप निकलने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली थी तो वहीं सोमवार की सुबह एक बार फिर घने कोहरे ने दस्तक दी। सुबह के समय कोहरे का आलम यह रहा है कि मार्गों पर दृश्यता 15 से 20 मीटर रही। जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानी हुई और वाहन चालक फॉग लाइट व सफेद पट्टी के सहारे यात्रा करते देखे गए।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.