रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा कस्बा के रामजानकी मंदिर में 22 जनवरी को धूमधाम के साथ पूजा-अर्चना करने की तैयारी बनाई जा रही है। यह मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना है। यह बड़ी छावनी अयोध्या से जुड़ा बताया जाता है। ऐसा बताया जाता है कि यहां की परंपरागत गुरु गद्दी बड़ी छावनी अयोध्या महंत के स्तर से ही तय की जाती है। अयोध्या के महंत भी समय-समय पर यहां आते रहते हैं। रुपईडीहा में रामजानकी मंदिर की स्थापना काल के बाद से सर्वप्रथम महंत रामजानकीदास नियुक्त किए गए। इसके बाद क्रमश: बाबा बलदेव दास, राम प्रिय दास, गुरुदेव परमहंस रामचंद्र दास वर्तमान व भगवान दास महंत बने। मंदिर की पूजा-पाठ की जिम्मेदारी पुजारी हरिहर दास के जिम्मे है। पूर्व में मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे गुरुओं की याद में उनकी प्रतिमाएं भी बनाई गई हैं।
