उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बाबूलाल से साक्षात्कार लिया।बाबूलाल ने बताया कि महिलाओं को शादी के बाद ससुराल में भूमि अधिकार मिलना चाहिए। मायके में उनका कोई अधिकार नही होता है।महिलाएं सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।कुछ ही शिक्षित महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रेम नारायण सिंहसे साक्षात्कार लिया। प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि बेटियों को पैतृक सम्पत्ति में बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा का स्तर में सुधार होना चाहिए। महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है. अशिक्षा के कारण महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ नही उठा पाती हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सिद्धार्थ सिंह से साक्षात्कार लिया।सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि अविवाहित महिलाओं का मायके की सम्पत्ति पर पूरा अधिकार होना चाहिए और विवाहित महिलाओं का ससुराल की सम्पत्ति पर अधिकार होता है।महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा से इंसान जागरूक होता है और उनका दिमाग विकसित होता है।अशिक्षा और अशिक्षित सभी लोहों को सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा बाजरे की फसल में तना छेदक कीट से बचाव के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
बिहार सरकार ने हाल में राज्य के 45 हजार गांवो की जमीन का सर्वे का निरिक्षण कराने का फैसला किया है। सर्वे कराये जाने को लेकर सरकार का कहना है कि इससे वह राज्य के 50 साल पुराने जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करना चाहती है। क्योंकि इन पचास सालों में जमीन के मालिकाना हक पर काफी बदलाव हुए हैं। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि इस सर्वे में जमीन से जुड़ी 170 से ज्यादा प्रकार की जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी। इसके अलावा 'इस सर्वे का एक उद्देश्य जमीन विवादों को कम करना भी है। पुराने रिकॉर्ड की वजह से कई बार विवाद होते हैं। नए सर्वे से यह समस्या दूर होगी।' सर्वे के दौरान लोगों को अपने जमीन के कागजात दिखाने होंगे। *----- दोस्तों इस मसले पर आपकी क्या राय है, क्या आपको भी लगता है कि शिक्षा के अभाव और कानून के उल्झे हुए दांव-पेचों ने महिलाओं को उनके हक और अधिकार से वंचित कर रखा है? *----- महिलाओं को भूमि अधिकार के बदले अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इसके बदले में महिलाएं को किस तरह के सशक्तिकरण और स्वतंत्रता की उम्मीद की जा सकती है। *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों को मजबूत करने के लिए क्या किया जा सकता है?
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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक हजूरपुर मौजा सिंहपुर गांव ठकुराइन पूर्वा से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से विजय सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि विवाह के बाद महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। जिनके पुत्र संतान नहीं है वो अपने बेटियों को हिस्सा दे सकते है। महिलाओं को शिक्षित करना बहुत जरुरी है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गाँव के प्रधान श्री प्रचरण नाथ सिंह से बातचीत हुई। बातचीत में उन्होंने बताया की महिलाओं को अधिकार मिलना ही चाहिए। अगर महिला के पति नहीं है तो उनका हिस्सा भूमि में लगता है। शादी के बाद अगर जमीन ज्यादा है तो पति के साथ साथ पत्नी को भी हिस्सा मिलता है। महिलाओं के पास भूमि होगा तभी वो आगे बढ़ पाएंगी और अपने लिए कुछ कर पाएंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक हजूरपुर मौजा सवा से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से नितीश कुमार से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को भूमि में अधिकार तो मिलना ही चाहिए, क्युकी सभी का बराबर का अधिकार है। लड़कियों को बचपन से ही अच्छी शिक्षा देकर जागरूक किया जा सकता है। तभी वो अपने अधिकारों को जान पाएंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से पयागपुर प्रखंड के स्थानीय निवासी काजल से बातचीत हुई। बातचीत में उन्होंने बताया की, हमे भी अपने पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए, क्युकी जितना अधिकार भाई का है, उतना ही अधिकार बहन का भी है
