उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से संजय कुमार से साक्षात्कार लिया।संजय कुमार ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में बराबर का हिस्सा होना चाहिए। बेटा और बेटी एक समान हैं। बेटियों को स्कूल अवश्य भेजें और उनको शिक्षित करें। शिक्षा से महिलाएं जागरूक होंगी
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राम से साक्षात्कार लिया।राम ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में बराबर का हक़ मिलाना चाहिए। महिलाओं को पढ़ाना चाहिए। जागरूक होने के लिए महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरुरी है। गरीबी के कारण लोग अपनी बेटियों को नही पढ़ाते हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शहजादी से साक्षात्कार लिया। शहजादी ने बताया कि महिलाओं को पैतृक सम्पत्ति में बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए। लड़कियों को शिक्षित होना चाहिए ।शहजादी के मायके और ससुराल में सम्पत्ति नही है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अवधेश नरेश तिवारी से बातचीत की।अवधेश नरेश तिवारी का कहना है कि महिलाओं को शादी से पहले मायके में अधिकार होता है शादी के बाद उनको ससुराल के संपत्ति में हक मिलना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा बहुत जरूरी है अशिक्षित महिलाओं को बहुत परेशानी होती है। सरकारी योजनाओं की जानकारी अशिक्षित महिलाओं तक नहीं पहुंच पाता है इसके लिए सरकार को प्रयास करना चाहिए। जो अनपढ़ महिलाएं हैं वह सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं उन्हें जागरूक होने के लिए घर से बाहर निकलना बहुत जरूरी है.
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के विशेश्वरगंज प्रखंड से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अभिषेक कुमार शुक्ला से साक्षात्कार लिया।अभिषेक कुमार शुक्ला ने बताया कि अविवाहित महिलाओं का मायके की सम्पत्ति में अधिकार होना चाहिए और विवाहित महिलाओं को ससुराल की संपत्ति में अधिकार होता है। यदि मायके में पिता नही है,तो ऐसी परिस्थिति में मायके की संपत्ति में महिला का अधिकार हो सकता है।
इस कार्यक्रम में हम जानेंगे कि कैसे गाँव के लोग मिलकर अपने समुदाय को मजबूत बना रहे हैं। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सामूहिक प्रयासों की ताकत को समझेंगे। साथ ही, यह भी जानेंगे कि कैसे छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं और गाँव के विकास में योगदान दे सकते हैं। क्या आपके समुदाय में ऐसे समूह हैं जो जल संरक्षण, आपदा प्रबन्धन या संसाधन प्रबन्धन पर काम करते हैं? अगर हाँ, तो हमें बताएं कि वे कैसे काम करते हैं? और अगर नहीं, तो इस कार्यक्रम को सुनने के बाद क्या आप अपने समुदाय में ऐसे सामूहिक प्रयास शुरू करने के लिए तैयार हैं?
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद फारूक से बातचीत की। मोहम्मद फारूक का कहना है महिलाओं को पिता की संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है. उनका कहना है जो अशिक्षित महिलाएं हैं उन्हें शिक्षित करना चाहिए साथ ही उन तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचानी चाहिए। पढ़ी लिखी महिलाएं तो हर जगह काम कर रही लेकिन अशिक्षित महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अजय कुमार मिश्रा से बातचीत की। अजय कुमार मिश्रा एडवोकेट का कहना है कि महिलाओं का अधिकार यदि सहजता से उन्हें मिल जाए तो उनका जीवन आसान हो जाएगा। इसके लिए महिलाएं यदि शिक्षित हैं तो अच्छा काम करेंगी अशिक्षित रहेंगी और अधिकार दे भी दिया जाएगा तो कोई मतलब नहीं रहेगा। महिलाओं का अधिकार सिर्फ ससुराल में होना चाहिए शादी से पहले उनका अधिकार मायके में होना चाहिए। उनका कहना है लड़का और लड़की का आज बराबर का अधिकार होता है। सरकार भी लड़का और लड़की दोनों को समान शिक्षा देने के लिए प्रयासरत हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आसाराम से बातचीत की।आसाराम का कहना है कि महिलाओं को सिर्फ ससुराल का अधिकार मिलना चाहिए ,शादी से पहले उनका पिता की संपत्ति में अधिकार होता है। महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है समाज में महिला पुरूष मिलकर काम करेंगे तभी देश का विकास होगा
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडे ने मोबाइल वाणी के माध्यम से करुणा से बातचीत की। करुणा ने बताया कि जिस तरह पुरुषों को भूमि पर अधिकार मिलता है, उसी तरह क्या महिलाओं को भी भूमि पर समान अधिकार मिलना चाहिए? अगर आपके बच्चे हैं, तो सभी बच्चों को लड़कों का अधिकार है, तो लड़कियों को क्यों नहीं, अगर बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में समान अधिकार होना चाहिए, अगर वे अपना अधिकार लेते हैं, तो क्या इसका मतलब रिश्ते में दरार है? सदा है जी तो आयेगा ही आयेगा क्योंकि शादी के बाद लड़कियाँ चली जाती हैं, लोगों को लगता है कि उनका रिश्ता खत्म हो गया है और जब हम अपने अधिकारों के लिए बोलते हैं, तो यह वास्तव में सभी के भीतर होता है। उन्हें लगता है कि लड़की की शादी हो गई और वे यहाँ से चले गए, उनका कोई रिश्ता नहीं था, न ही संपत्ति में या किसी भी चीज़ में और फिर चले जाते हैं। यह उनकी सोच है। अगर हम अपने अधिकार के लिए कहें कि हमें संपत्ति चाहिए, तो वे नाराजगी दिखाएंगे। सबनाराजी जी, क्या आपको लगता है कि महिलाएं अपने अधिकारों की मांग इसलिए नहीं कर पा रही हैं क्योंकि वे कहीं अशिक्षित हैं? और अशिक्षित भी अगली पीढ़ी के लिए अपना जीवन खुद बनाने जा रहे हैं। हम शिक्षक हैं। एक शिक्षक है। गाँव से कुछ औरतें भी आती हैं। वे अभी भी कहते हैं कि अगर लड़कियों को पांच साल तक पढ़ाया जाता है, तो वे असुरक्षित रह जाएंगी। तब उनकी भी वही सोच होगी।
