जिले की सबसे बड़ी पंचायत आमगांव बड़ा में खेल मैदान नहीं है जिससे यहां के युवा और बच्चे कहीं सड़कों पर तो शादी गार्डन में खेल खेलते नजर आते हैं ग्रामीणों का कहना है कि खेल मैदान ना होने से खेल प्रतिभाएं दबकर रह गई हैं। ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर कोई ऐसा खेल मैदान नहीं है, जहां सुबह-शाम युवा अभ्यास कर सकें। स्थिति इतनी विकट है कि गांव के युवा कभी बाहरी गांव या नगरों की क्रिकेट टीमों से मैच लेते हैं तो उन्हें पास की छोटी पंचायतो के बड़े खेल मैदान में वह मैच लेना पड़ता है खेल से जुड़े जानकारों का कहना है कि आमगांव क्षेत्र में अनेक खेल प्रतिभाएं छुपी हुई हैं। उनको तलाश कर तराशने की जरूरत है। गांव में खेल सुविधाएं तो दूर की बात है अभ्यास के लिए ढंग का मैदान नहीं है। एक से बढ़कर एक खेल प्रतिभाएं यहां जन्म ले सकती है लेकिन संसाधनों के अभाव और आर्थिक तंगी से ये प्रतिभाएं अपना दम दिखाने से पहले ही दम तोड़ देती हैं।
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आमगांव बड़ा का शासकीय पशु उपकेंद्र शोभा की सुपारी बना हुआ है आलम यह है कि यह शासकीय पुश उपकेंद्र साल भर में 2 -10 दिन ही खुलता है आमगांव बड़ा शासकीय पशु उपकेंद्र से 15 से 20 गांव के पशुपालक जुड़े हुए हैं बावजूद इसके पशु उपकेंद्र को खोला नहीं जाता जिससे यहां के पशुपालक को बीमार पशुओं के इलाज एवं टीकाकरण के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है स्थिति इतनी विकट है कि गांव में अगर पशु दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो बाहरी डॉक्टर से इलाज करना पड़ता है स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पशु उपकेंद्र की सेवाओं का बिल्कुल लाभ नहीं मिल रहा है पशुपालकों ने जिला कलेक्टर सहित अधिकारियों से अति शीघ्र आमगांव बड़ा शासकीय पशु उप केंद्र खोलने की मांग की है
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यह भावनाओं के आहत होने का दौर है पता नहीं चलता कब किसकी कौन सी भावना आहत हो जाए। इन खिलाड़ियों के ऐसा करने के पीछे का कारण एक बाहुबली नेता के सहयोगी का एक खेल संघ के अध्यक्ष पद पर चुना जाना। इससे पहले वह नेता ही बीते दशक भर से इस संघ को चला रहा था, उस पर नाबालिगों के यौन शौषण के आरोप हैं, पुलिस इसकी जांच कर रही है लेकिन इस जांच के क्या नतीजे होंगे उसको क्या सजा मिलेगी यह सब सरकार की मर्जी पर निर्भर करता है । *------दोस्तों आपको क्या लगता है क्या हमारे देश के पहलवान जो यौन शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं वे अपनी जगह पर ठीक हैं या उनमें कुछ है जो उन्हें गलत साबित करता है, उन्हें किसी के हाथ का खिलौना बनाता है। हो सकता है कि आप इन दोनों में से किसी एक विचार से सहमत हों। वह विचार चाहे जो भी हो उसे कहिए, बोलिए, हमें बताइए, क्योंकि एक महान लोकतंत्र के लिए लोगों का बोलना ज़रूरी है
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हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए... सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले, मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
