बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि मुफ्त कानूनी सहायता हर महिला तक नहीं पहुँच पा रही है

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि विधवा का सम्पत्ति में बच्चों और मृतक की माँ के साथ बराबर हिस्सा होता है

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि कानून के अनुसार पैतृक सम्पत्ति में बेटियों को जन्म से ही बेटों के समान अधिकार प्राप्त है

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि समाजिक संगठन महिलाओं को जागरूक करने के लिए बाल विवाह रोकने ,घरेलू हिंसा पीड़ितों को सहायता देने ,स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उधमी को बढ़ावा देने और शोषण व स्वस्थ के बारे में शिक्षित करने के कार्यक्रम चालते हैं ताकि वे समाज में समान भागिदार रहें।

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि कानून प्रक्रिया को महिलाओं के लिए आसान बनाने के लिए जागरूकता और बढ़ावा ,सरल भाषण ,कानूनी सलाह को सुलभ बनाना ,महिला कानूनों को मजबूत करना आदि शामिल है

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि सामाजिक दबाव महिलाओं को उनके हक़ लेने से रोकता है क्योंकि यह उन्हें शिक्षा ,संपत्ति और निर्णय लेने और हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाने से रोकता है।

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं के जमीन में अधिकार मांगने पर समाज और परिवार के लोगों के द्वारा उनको नकारात्मक रूप से देखा जाता है।

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि अगर कानून नहीं रहता तो लोगों को अपनी जीवन संपत्ति का अधिकारों के लिए कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि प्राथमिक कानूनों जैसे मौलिक अधिकार ,घरेलु हिंसा ,सुरक्षा या संपत्ति का अधिकार के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रभावी प्रबंधन का आभाव है

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि कानून के बारे में गांव के लोगों तक नहीं पहुँचने का मुख्य कारण अशिक्षा और जागरूकता की कमी है। आम आदमी उनके कर्तव्यों से अज्ञान रहते हैं और न्याय पाने की कठिनाई महसूस करते हैं