बिहार राज्य के नवादा जिला से तारा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से तिलक से हुई। तिलक यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। उनके नाम से भी जमीन हैं। वह अपनी बच्चों को जमीन में अधिकार देना चाहती हैं

बिहार राज्य के नवादा जिला के हिसुआ प्रखंड से राहुल कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि ग्रामीण महिलाओं को अक्सर पैतृक संपत्ति में कानूनी अधिकार के बावजूद सामाजिक बाधाओं और प्रथाओं के कारण नियंत्रण मुश्किल से होती है।जबकि शहर की महिलाओं को बेहतर संसाधन और क़ानूनी जागरूकता के बावजूद, शोषण या नियंत्रण की अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।हालाँकि दोनों क्षेत्र की महिलाएं सम्पत्ति के लिए संघर्ष करती हैं।2005 के कानून ने पैतृक सम्पत्ति में समान अधिकार दिया है।

बिहार राज्य के नवादा जिला के हिसुआ ब्लॉक से पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं की जमीन में हिस्सेदारी कम हैं। महिलाओं को जमीन में अधिकार पाने में अड़चन उसके घर वाले ही डालते हैं

गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू आलू के फसल में लगने वाला झुलसा रोग का उपचार की जानकारी दे रहे हैं ।

आपदा राहत के दौरान भी महिलाओं की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहती है। राहत शिविरों में कई बार अकेली महिलाओं, विधवाओं या महिला-प्रधान परिवारों की जरूरतें प्राथमिकता में नहीं आतीं। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- जब किसी महिला के नाम पर घर या खेत होता है, तो परिवार या समाज में उसे देखने का नज़रिया किस तरह से बदलता है? *--- आपके हिसाब से एक गरीब परिवार, जिसके पास ज़मीन तो है पर कागज नहीं, उसे अपनी सुरक्षा के लिए सबसे पहले क्या कदम उठाना चाहिए?"? *--- "सिर्फ 'रहने के लिए छत होना' और उस छत का 'कानूनी मालिक होना'—इन दोनों स्थितियों में आप एक महिला की सुरक्षा और आत्मविश्वास में क्या अंतर देखते हैं?"

बिहार राज्य के नवादा जिला से तारा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कांति देवी से हुई। कांति देवी यह बताना चाहती हैं कि आजीविका के लिए महिलाओं की भूमिका अधिकार महत्वपूर्ण है।अगर महिलाओं के नाम से जमीन हो जायेगा तो वह उसमे फसल उगा सकती हैं और आत्मनिर्भर महसूस करेंगी।महिलाओं को अधिकार मिलने से उनके निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है और उनको स्वतंत्र महसूस होता है। अक्सर महिला गरीबी के चक्र में फंस जाती है। इसलिए उनको अधिकार मिलना चाहिए

बिहार राज्य के नवादा से तारा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सरिता कुमारी से हुई। सरिता कुमारी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं के लिए संपत्ति अधिकार अधिनियम पारित किया गया है। जिसने विधवाओं को उनके पति की संयुक्त संपत्ति में सम्मान अधिकार प्रदान किए हैं और उन्हें पति की मृत्यु के बाद बिना वसीहत के ही पति की संपत्ति का उत्तराधिकारियों में शामिल किया गया है।

बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज थाना से तारा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनैना कुमारी से हुई। सुनैना कुमारी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में हिस्सा देने से हानि होता है। आज भी महिलाओं को जमीन में हक़ नहीं है। अगर उनके नाम से जमीन होता तो वह अपने बच्चों का अच्छे से देखभाल करती

बिहार राज्य के नवादा जिला से तारा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से दीमंती देवी से हुई। दीमंती देवी यह बताना चाहती हैं कि उनके नाम से जमीन रहेगा तो वह आगे बढ़ेंगी और फसल उपजा कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं अपने बच्चों का पालन पोषण कर सकती हैं।

बिहार राज्य के नवादा जिला के परमा से सीमा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि इनके खेत का प्लॉट कागज में नहीं चढ़ा है। ऑनलाइन सब काम किया है।रसीद में प्लॉट नहीं दिख रहा है