बिहार राज्य के  नवादा जिला से शिवानी कुमारीने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि विवाहित महिला के कई अधिकार है।जैसे - गरिमा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। एक पत्नी को अपने ससुराल वालों के साथ सम्मान के साथ रहने का क़ानूनी अधिकार है।

बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि पिता के जमीन में बेटा और बेटी दोनों को हक़ होता है

बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि संपत्ति का अधिकार एक कानूनी अधिकार हो गया है।

बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि संपत्ति का अधिकार एक कानूनी अधिकार है। अधिकार मिलने से वह जमीन को किराए पर दे सकती हैं या बेच सकती हैं

बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं के मृत्यु के बाद संपत्ति में अधिकार उनके बच्चों और पोते का होता है

बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि जमीन पर जबरजस्ती कब्ज़ा करना भारतीय न्याय सहिंता के धारा 1929 के तहत अपराध है

बिहार राज्य के नवादा जिला से सिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि पत्नी के संपत्ति में उनके बच्चों का अधिकार होता है या महिला संपत्ति को दान भी कर सकती हैं

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि पिता की संपत्ति में सभी पुत्रों का अधिकार होता है। पिता सिर्फ एक पुत्र को संपत्ति में अधिकार नहीं दे सकते हैं। उनको सभी पुत्रों को बराबर अधिकार देना चाहिए

बिहार राज्य के नवादा जिला से शिवानी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि व्यक्ति को अपनी संपत्ति का सुरक्षा करने का अधिकार होता है। कोई भी उनको संपत्ति से मनमाने तरीके से वंचित नहीं कर सकता है।

पति की मृत्यु के बाद विधवा का उसकी ज़मीन पर अधिकार कोई दया नहीं, बल्कि उसका कानूनी हक़ है। ज़रूरत इस बात की है कि क़ानून की जानकारी, प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक समर्थन तीनों एक साथ मिलें। तभी विधवाओं के लिए “क़ानून में अधिकार” वास्तव में “ज़मीन पर अधिकार” बन पाएगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- क्या आपके गांव/मोहल्ले में विधवाओं के नाम ज़मीन का म्यूटेशन आसानी से होता है? *--- पंचायत या स्थानीय नेता विधवा अधिकारों की रक्षा में किस तरह की भूमिका निभा रहे हैं? *--- बेदखली के मामलों में प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है? *--- और क्या कानूनी सहायता केंद्र गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुँच पा रहे हैं?