हममें से कई ऐसे सोच सकते हैं कि सरकार अपनी इच्छा से जितना चाहे लगा सकती है ऋण ले सकती है तथा धन खर्च कर सकती है पर ऐसा नहीं है क्योंकि संसाधनों की एक सीमा होती है इसलिए विभिन्न सरकारी गतिविधियों के लिए संसाधनों के आवंटन की उचित बजटीय है व्यवस्था की आवश्यकता होती है सरकार की स्थिरता के लिए सोच समझ कर खर्च करना अनिवार्य है तथा इस तरह खर्च करने की पहली आवश्यकता है समुचित आय पूरी तरह योजना बनाकर आय व्यय का सटीक अनुमान सरकार की वित्तीय स्थिति की मजबूती के लिए जरूरी है
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
साल 1860 में पेश हुआ था भारत का पहला बजट भारत का पहला बजट आज से लगभग 163 वर्ष पहले 7 अप्रैल 1860 को ईस्ट इंडिया कंपनी ने ब्रिटिश राज के लिए पेश किया था भारत के स्वतंत्र होने के बाद 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री ने बजट पेश किया था
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
