सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।
उत्तर प्रदेश राज्य के बांदा जिला से चंद्रकांति शुक्ल मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है की दहेज़ ना दे पाने के कारण कई माता पिता आत्महत्या करते हैं। इसलिए दहेज प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए क्योंकि कुछ ऐसे माता - पिता हैं जो कर्ज लेकर अपने बच्चो की शादी करते है
कैंट से काशी की ओर से जाने वाली ट्रेनों के कैंट स्टेशन पर देर तक रूकने की समस्या जल्द ही खत्म हो जाएंगी। इसके लिए काशी स्टेशन पर आइसोलेशन लाइन (सैंडहम्प) बनाई जा रही है। उसकी केबिलिन कबलिंग व सिग्नलिंग का काम चल रहा है। दरअसल, अभी डाउन साइड की कोई गाड़ी कैंट से काशी स्टेशन की ओर चलती है तो उसके निर्धारित ठहराव पर रूकने या 1089 मीटर लम्बे मालवीय पुल के आगे लगे एडवांस सिग्नल को पार करने का इंतजार किया जाता है। सह सिग्नल पार करने के बाद ही कैंट पर खड़ी दूसरी ट्रेन को स्टार्टर सिग्नल दिया जाता है। फिर ट्रेन आगे बढ़ती है। इस व्यवस्था में कैंट पर एक्सप्रेस- पैसेंजर ट्रेनें और मालगाड़ियां देर तक खड़ी रहती हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए आइसोलेशन लाइन बनाई 'जा रही है ताकि पीछे से आ रही ट्रेन को इस लाइन पर ठहराव दिया जा सके। अपर मंडल रेल प्रबंधक (उत्तर रेलवे) लालजी चौधरी ने बताया कि सेफ्टी और ट्रेनों के सुगम परिचालन के लिए आइसोलेशन लाइन बनाई जा रही है।
वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल के जिला क्षय रोग केंद्र (डीटीसी) पर विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। इसमें एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से 40 की जांच की गई, जिसमें 10 पॉजिटिव मिले। इनके बलगम की जांच सीबी नाट मशीन से होगी। इसके बाद सभी को निक्षय पोर्टल 2.0 पर नोटिफाई कर उपचार शुरू होगा। निक्षय पोषण के * तहत डीबीटी से मरीज के बैंक खाते में तय राशि भेजी जाएगी। सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि मशीन ने जांच को बेहद आसान बना दिया है।
इण्डो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, वाराणसी डेस्क की ओर से बनारस क्लब में व्यापार बढ़ाने के नए अवसरों की तलाश विषय पर एक सेमिनार हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में अमेरिका की एरिजोना विवि के प्रो. डॉ. राकेश पंगासा ने कहा कि अमेरिका में भारतीय उत्पादों का बड़ा बाजार है। उद्यमियों को प्रबंधन, संगठनात्मक दक्षता में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर समस्या के एक बेहतर समाधान से व्यापार निश्चित रूप से बढ़ाया सकता है। विशिष्ट अतिथि इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बीएचयू के निदेशक प्रो. आशीष वाजपेयी ने उद्योग प्रबंधन को सुगम बनाने के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। इस दौरान इण्डो अमेरिकन चैंबर के चेयरमैन शिशिर उपाध्याय, उप चेयरमैन बीएन जॉन, मैनेजिंग कमेटी के सदस्य प्रशांत नागर, आईआईएचटी के 'डिप्टी डायरेक्टर संजय गुप्ता, उद्यमी अनुपम देवा, सीए सोमदत्त रघु, रवि आदि रहे।
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
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