भारतीय संविधान किसी के आर्टिकल 14 से लेकर आर्टिकल 21 तक समानता की बात कही है, इस समानता धार्मिक आर्थिक राजनीतिक और अवसर की समानता का जिक्र किया गया है। इस समानता किसी प्रकार की जगह नहीं है और किसी को भी धर्म, जाति और समंप्रदाय के आधार पर कोई भेद नहीं किये जाने का भी वादा किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया फैसले में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वह धर्म की पहचान के आधार भेदभाव पैदा करने की कोशिश है।दोस्तों आप इस मसले पर क्या सोचते हैं? क्या आप सरकार के फैसले के साथ हैं या फिर इसके खिलाफ, जो भी हो इस मसले पर आपकी क्या राय है? आप इस मसले पर जो भी सोचते हैं अपनी राय रिकॉर्ड करें
उत्तर प्रदेश राज्य केमिर्ज़ापुर जिला ब्लॉक कुंज से शीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी दुर्गा से बात किया उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य केमिर्ज़ापुर जिला ब्लॉक कोण से शीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी मिरज से बात किया उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य केमिर्ज़ापुर जिला ब्लॉक कुंज से शीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी सरिता से बात किया उन्होंने बताया कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। समाज में आगे बढ़ने के लिए भूमि का अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य केमिर्ज़ापुर जिला ब्लॉक कुंज से शीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी रेखा से बात किया उन्होंने बताया कि महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलना चाहिए। अगर समाज उन्हें अधिकार देने से रोकती है तो उन्हें कानून का सहारा लेना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से आकांक्षा श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि हमारी सामाजिक प्रणाली में बहुत बदलाव आया है, लेकिन सोच अभी भी पूरी तरह से नहीं बदली है। लोग अभी भी सोचते हैं कि पिता की संपत्ति पर बेटों का पहला अधिकार है, जबकि भारत में बेटियों के पक्ष में कई कानून बनाए गए हैं। इसके बावजूद कई पुरानी परंपराएं आज भी समाज में मौजूद हैं। इस स्तर पर पिता की संपत्ति पर पहला अधिकार बेटे को दिया जाता है। बेटी की शादी के बाद वह अपने ससुर के पास जाती है, फिर कहा जाता है कि संपत्ति में उसका हिस्सा समाप्त हो गया है। भारत में संपत्ति के विभाजन के संबंध में कानून हैं, जिनके अनुसार न केवल बेटों बल्कि बेटियों को भी पिता की संपत्ति में समान अधिकार हैं
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू ,ज्वार के फसल में लगने वाले रोग और किट नियंत्रण की जानकरी दे रहे हैं। ज्वार के फसल से जुड़ी कुछ बातें किसानों को ध्यान में रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा धान की सीधी बुवाई तकनीक से होने वाले कई लाभ के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
दोस्तों, एक बार फिर से उन्हीं दिनों को जीने की कोशिश करते हैं अपने बच्चों के संग उनके बचपन को एक त्यौहार की तरह मनाते हुए हंसते हुए, खेलते हुए, शोर मचाते बन जाते हैं उनके दोस्त और जानने की कोशिश करते हैं इस बड़ी सी दुनिया को उनकी आंखों से | घर और परिवार ही बच्चों का पहला स्कूल है और माता पिता दादा दादी और अन्य सदस्य होते हैं उनके दोस्त और टीचर हो. साथ में ये भी कि बच्चों के दिमाग का पचासी प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है.
