उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से आराधना उत्तरप्रदेश मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बता रही हैं कि बाढ़ के कारण किसानों के सभी फसल बर्बाद हो चुके हैं। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से अवनीश कुमार उत्तरप्रदेश मोबाइल वाणी के माध्यम से डेंगू पर जानकारी देते हुए यह कहते हैं कि हमें डेंगू से बचाव करनी चाहिए। उन्होंने यह कहा कि यह बीमारी बहुत ही खतरनाक होता है और इसका समय से इलाज नहीं किया गया तो इससे मरीज की जान जाती है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती जिला से अरविन्द श्रीवास्तव उत्तरप्रदेश मोबाइल वाणी के माध्यम से पोषण अभियान के तहत जानकारी देते हुए यह कहते हैं कि पोषण अभियान एक जान आंदोलन है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता में सभी लोगों का साथ होना बहुत ही जरुरी है। जिसमे स्थानीय नेताओं, पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समितियों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों एवं निजी क्षेत्र में समावेशी भागीदारी भी अपेक्षित है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिवस को सितम्बर माह में मनाया जाता है

उत्तरप्रदेश राज्य से चंद्रदीप उत्तरप्रदेश मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बता रहे हैं कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी लोगो को राहत सामग्री बांटी जा रही है

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NAVJAAT SHISHU KI DEKHBHAL

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आरंभिक बाद शिक्षा पर चर्चा

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से कीर्ति सिंह उत्तरप्रदेश मोबाइल वाणी के माध्यम से महामारी के बारे में जानकारी देते हुए यह कहती हैं कि जब कोई बीमारी बिना छुवाछुत के होती है, तो वह महामारी का लक्षण होता है। जैसे हमें देश में हैजा, चेचक, प्लेग और कोरोना यह महामारी है। उन्होंने यह बताया कि वर्तमान में ही करोना वायरस नाम की एक महामारी हमारे बीच में हुई थी, जो 2 सालों तक रही और आम तौर पर यह शुरुआती में एक बीमारी की तौर पर हुई थी तथा धीरे-धीरे एक शहर से दूसरे शहर तथा एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंचने लगी। साथ ही डब्ल्यूएचओ द्वारा इसे महामारी घोषित भी किया गया था। इसके बाद इस महामारी से बचाव में लॉकडाउन घोषित किया गया और एक वक्त ऐसा आया जब पूरे विश्व में लॉकडाउन कर दिया गया। इसको देखते हुए डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोविड-19 के नियम बनाए गए

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से ज्योति सिंह उत्तरप्रदेश मोबाइल वाणी के माध्यम से सीडीपीओ के बारे में तथा उनके मुख्य कार्य के बारे में कहती हैं कि यह चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफीसर होते हैं। उन्होंने बताया कि सीडीपीओ को बाल विकास परियोजना अधिकारी भी कहा जाता है। इन सीनियर ऑफिसर का कार्य नागरिकों के बच्चों के भरण-पोषण से लेकर स्वास्थ्य तक की पूरी जानकारी रखने का काम करना होता है। साथ ही इस पद पर कार्य करने वाले कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने पड़ती है और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल और बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बेहतर बनाना है।