जल ही जीवन के तहत जल जीवन मिशन का ग्राम वासियों के साथ बैठक
कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बेरुआ गांव निवासिनी विवाहिता राजेश्वरी शनिवार को बिना बताए घर से लापता हो गई हैं। पीड़ित पति राजेश ने कोतवाली में तहरीर देकर पत्नी राजेश्वरी को लापता होने की गुमशुदगी दर्ज करा दी है। मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के बेरुआ गांव निवासी राजेश शनिवार को खेत पर काम कर रहे थे। जब वह खेत पर गये तो पत्नी को बच्चों के साथ घर पर छोड़ कर गए थे। जब वह शाम को वापस लौटा तो पत्नी घर पर नहीं मिली, बच्चों ने बताया कि जब वह स्कूल गये थे, एक बेटी खेत पर खाना लेकर गयी थी, उस दौरान मां कहीं चली गई। जिसके बाद से घर नही लौटी है। जिसकी परिजनों द्वारा तलाश भी की गई, लेकिन वह कहीं भी नहीं मिली है। इस पर पति ने कोतवाली में तहरीर देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसकी तलाश की जा रही है। राजेश की चार बेटी व एक बेटा है। इनमें से सबसे छोटे बच्चे की उम्र तीन वर्ष हैं। तीन वर्षीय बच्चा बिना माँ के काफी परेशान हैं, इस घटना को लेकर ग्रामीण माँ की ममता को कोस रहे हैं। वहीं ग्रामीण दबी जुबान से पति द्वारा पत्नी से मार पीट करने की बात कह रहे हैं। इस मामले को लेकर प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी ने बताया परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। महिला की तलाश की जा रही है।
निपुण भारत मिशन" के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निपुण लक्ष्य की प्राप्ति तथा जनसमुदाय की भागीदारी हेतु कम्पोजिट विद्यालय सेमरा कलां में सोमवार को खण्ड शिक्षा अधिकारी शशांक सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा चौपाल का आयोजन किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अजय कुमार विमल ने किया। खंड शिक्षा अधिकारी शशांक सिंह ने कहा प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। मिशन कायाकल्प के तहत आर्दश विद्यालय के रूप में परिवर्तित हुए है। कायाकल्प के बाद विद्यालयों में छात्रों की संख्या में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है, साथ ही इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के चेहरों पर खुशियों की रौशनी भी बढ़ी है। वहीं प्रदेश सरकार का नौनिहाल बच्चों को सीखने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए निपुण भारत मिशन एक बेहतरीन प्रयास है। सरकार निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रही है। सरकार ने मिशन को गति प्रदान करने तथा जनसमुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह विद्यालय स्तर पर 'शिक्षा चौपाल' का आयोजन कराया जा रहा है। परिषदीय स्कूल में पंजीकृत बच्चों को भाषा व गणित में दक्ष करने के साथ निपुण भारत अभियान लक्ष्य पूरा करने के लिए अब अभिभावकों का सहयोग जरूरी है। योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए बच्चों की शैक्षिक प्रगति से अभिभावकों को अवगत कराया। बच्चों को शैक्षिक स्तर में सुधार में सहयोग करने की अपील भी की। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ उद्देश्यों से समुदाय, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंध समिति को अवगत कराते हुए सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा चौपाल आयोजित की गई है। चौपाल में अभिभावकों को बच्चों की शैक्षिक प्रगति बताते हुए उनसे सुझाव लेते हुए उसे क्रियान्वित किया जाएगा। विद्यालय में प्रति माह शिक्षा चौपाल आयोजित हो। इस शिक्षा चौपाल के दौरान शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को जागरूक करते हुए अपने विद्यालय को निपुण बनाने की स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त विशिष्ट सहयोग तथा सफलता की कहानियों को साझा किया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान आशीष कुमार, शिक्षक विवेक कुमार, बद्रीप्रसाद, अजय कुमार विमल, शिक्षिका पुष्टम शर्मा, कविता अवस्थी, प्रभू दयाल, एआरपी राजेश वर्मा, अभिवावक गण रामस्वरूप, देशराज, छोटे लाल, राज कुमार, सुशीला, नीलम, निर्मला सहित सैकड़ों की महिमा पुरूष अभिभावक मौजूद रहे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर व जल भराव व बड़ी झाड़ी होना, अनुप्रयोगी सामग्री के कारण बदरंग तस्वीर नजर आ रही है। क्षेत्र की लगभग दो लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं को देने वाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना खुद बीमार है। स्वास्थ्य कर्मियों के स्वास्थ्य के साथ मैरिज व तीमारदार गंदगी के कारण स्वास्थ्य होने की जगह और बीमार हो रहे हैं। स्वास्थ्य शरीर के लिए स्वच्छ होना पहली प्राथमिकता है, परंतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीर काफी बदरंग है। मुख्य गेट से प्रवेश पर विवादित भूमि परिसर में नगर पंचायत की नाली टूटी होने के कारण कस्बे के घरों का पानी अस्पताल परिसर में आ रहा है। जिससे परिसर में हमेशा जल भराव बना रहता है। जिससे मच्छर तेजी से फैल रहे हैं। अस्पताल परिसर से निकलने वाली दवाओं के खाली रैपर, अनुप्रयोगी सामग्री सिरिंज, पट्टी, खाली शीशी, बोतलें अस्पताल परिसर के भवनों के पास एकत्र हो रहे हैं। जिनमे आग लगाए जाने की घटना आए दिन प्रकाश में आती है। स्वास्थ्य कर्मियों के आवासों के पास लगे डस्टबिन टूटे लगे होने के कारण कूड़ा अस्त व्यस्त पड़ा रहता है। भवनों से निकलने वाला कूड़ा भवनों के पास जमा होने से हमेशा गन्दगी व जलभराव से कीचड़ का कीचड़ बना रहता है। गंदगी बज-बजा रही है, परिसर में झाड़ी काफी बड़ी हो गई है, जिससे कीड़े मकोड़े आने की संभावना है। पेयजल हेतु लगे इंडिया मार्का तीन नल खराब पड़े हैं। जिसके कारण पानी पीने के लिए मरीज व तीमारदारों को भटकना पड़ता है। प्रकाश व्यवस्था के लिए परिसर में लगी हाई-मास्ट लाइटों की एलईडी गायब हैं। वही सोलर लाइट खराब पड़ी है। रात में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण अनहोनी घटना व अराजक तत्वों की चहल कदमी की आशंका रहती है। लाखों रुपए की हाई-मास्ट लाइटें व सोलर लाइट शोपीस बनी है। अस्पताल परिसर में लगे कूलर की विधिवत सफाई न होने के कारण जल भराव व गंदगी होने से लार्वा की प्रबल संभावना है। जिससे कभी कोई व्यक्ति बीमार हो सकता है। परिसर में काफी अनुप्रयोगी सामग्री मेज कुर्सी जर्जर वाहन अलमारी भी परिसर की गंदगी बढ़ा रहे हैं। बेहतर माहौल न होने के कारण व गंदगी के चलते स्वास्थ्य कर्मी परिसर में रुकने की हिम्मत नहीं उठा पाते हैं।वह अपनी पीड़ा किसी से बयां नहीं भी नहीं कर पाते हैं। नगर पंचायत कछौना पतसेनी के स्वच्छता अभियान के ब्राण्ड अम्बेस्डर ब्रह्म कुमार सिंह ने पूरे मामले की शिकायत प्रभारी अधीक्षक व उच्च अधिकारियों व प्रतिनिधियों से की। जिस पर अधीक्षक डॉक्टर किसलय वाजपेई ने 6 बिंदुओं को लेकर परिसर की विधवक नियमित साफ सफाई व नाली की मरम्मत, इंडिया मार्का नल सही कराए जाने, सोलर लाइटे व हाई मास्ट लाइटें सही करने के विषय में अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कछौना पतसेनी को पत्र लिखकर अवगत कराया है।
सिद्धार्थनगर। भारतीय सीमा से महज छह किमी दूर नेपाल के रूपदेही में पतंजलि ने एक अरब से आयुर्वेदिक दवाइयों का कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया है। अनुमान है कि एक यूनिट से नेपाल भारत के करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। नेपाल की पहाड़ियों में उगने वाले औषधीय पौधों की कीमत अच्छी मिलेगी, जबकि भारतीय क्षेत्र में औषधीय खेती करके उन्नति करने की संभावना बढ़ जाएगी। पतंजलि योग पीठ के अध्यक्ष आचार्य बाल कृष्ण ने बताया है कि भारत-नेपाल के बॉर्डर से सटे नेपाल के रूपदेही जिले के धकधई क्षेत्र में एक अरब लागत से औषधीय उद्योग की नींव रखी जाएगी। इससे नेपाल के जंगलों की जड़ी-बूटियों का सदुपयोग करके नेपाल के लोगों को रोजगार देने का कार्य किया जाएगा।
दीपावली और छठ पूजा में ट्रेनों में आरक्षित टिकट नहीं मिल रहा है। जनरल और एसी कोच में यात्रा कर पाना संभव नहीं है। अभी से दिल्ली, मुंबई, गुजरात से आने वाली ट्रेनों में खचाखच यात्री भरे हुए नजर आ रहे हैं। इस कारण जिले के लोगों को निजी बसों में बुकिंग करानी पड़ रही है। दीपावली के त्योहार में रोडवेज की चार में तीन बसों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस कारण भी निजी बस संचालकों को किराया बढ़ाने का अवसर मिल गया है। दीपावली पर्व 12 नवंबर और छठ पूजा का उत्सव 19 नवंबर होगा। तीन ट्रेनें जिले से होकर दिल्ली जाती हैं। इसमें चंपारण हमसफर एक्सप्रेस दो दिन, कटिहार स्पेशल एक दिन और गोरखपुर हमसफर चार दिन जाती है। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में चंपारण हमसफर की सभी श्रेणी में 31 अक्तूबर से वेटिंग टिकट मिल रहा है। जबकि दीपावली के पहले 10 नवंबर को कोई टिकट नहीं मिल रहा है।
Education is very costly for medium status people
सडक और नाली की परेशानी
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
