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भरपुरा पहलेजाघाट जंक्शन के नाम से टिकट मिलते ही क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर 1 मार्च 2024 से भरपुरा पहलेजा घाट स्टेशन के नाम से टिकट मिलना हुआ शुरू सोनपुर । सोनपुर रेल मंडल के सोनपुर -- पाटलिपुत्रा रेलखंड के भरपुरा पहलेजाघाट जंक्शन के नाम से टिकट 1 मार्च 2024 से टिकट काटना शुरू हो गया। इस खुशी व उमंग में शुक्रवार को भरपुरा ग्रामवासियों के साथ क्षेत्र के सैकड़ो लोगो ने स्टेशन पर पहुंचकर एक -दूसरे को अबीर गुलाल लगाते हुए एक- दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि भरपुरा पंचायत के पूर्व मुखिया स्वर्गीय वीरेंद्र प्रसाद वर्मा के साथ भरपुरा वासियो के सपना साकार हुआ। जिनके प्रयास से इस स्टेशन का नाम भरपुरा स्टेशन रखा गया। 3 फरबरी 2016 में इस स्टेशन का नाम पहलेजाघाट जंक्शन था । अब इस स्टेशन का नामांकरण व टिकट भरपुरा पहलेजाघाट जंक्शन के नाम से टिकट मिलना शुरू हो गया। भरपुरा नाम जोड़ने के लेकर जन आंदोलन ,रेल चक्का जाम व रेलवे विभाग के अधिकारियों ,बिहार सरकार सहित रेल मंत्री तक के माँग पत्र सौपते हुए मांग की गई थी। 8 वर्षों तक लंबी लड़ाई व विभागीय अधिकारीयो से मांग करते-करते शुक्रवार के सपना लोगों की सकार की । इस सपना को पूरा करने में सारण सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, एमएलसी महाचंद्र प्रसाद सिंह सहित रेलवे विभाग के अधिकारियों व रेल मंत्री को ग्रामीणों ने खुशी का जशन मनाते हुए धन्यवाद दिया । इस मौके पर समाजसेवी सत्येंद्र सिंह ,पत्रकार संजीत कुमार ,गोविंद बल्लभ, समाजसेवी संजय सिंह ,समिति प्रतिनिधि डॉ रंजीत कुमार सिंह ,टुनटुन सिंह, श्यामू ,सोनू सिंह ,अर्जुन कुमार, शुभम ,रितेश,विनय सिंह,सुनील सिंह,नंदन सिंह,पप्पू सिंह, आयुष ,रणविजय,मटरू सिंह,संजय कुमार, सहित समस्त भरपुर ग्रामवासी एवं स्टेशन पर कार्यरत स्टेशन मास्टर नृपेंद्र कुमार, सहायक स्टेशन मास्टर शत्रुघन कुमार, नवरत्न कुमार वाइट मैन ,सिग्नल मैन रणधीर प्रसाद, स्टेशन परिसर में खान पान के सामग्री बेचने वाले मजदूर व क्षेत्र के सैकड़ो लोग मिठाई खाकर खुशी का जश्न मनाया ।
सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर हरिशंकर चौधरी की सेवानिवृत्त होने पर दी गई भवविनि विदाई मरीज के दिल में बसते हैं भगवान, मरीजों की सेवा से बड़ा कोई सेवा नहीं--डॉ हरिशंकर चौधरी सोनपुर । सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित अस्पताल प्रभारी डॉक्टर हरिशंकर चौधरी की सेवानिवृत्त होने पर कर्मियों ने उन्हें अस्पताल परिसर में सम्मान सह विदाई समारोह कार्यक्रम आयोजित किए । जिसमें कर्मियों ने डॉ चौधरी के अंग वस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर भावभीनी विदाई गुरुवार शाम को दी । इस मौके पर अस्पताल के डॉक्टर व कर्मियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उनके कार्य प्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉक्टर चौधरी अस्पताल में 17 वर्ष के कार्यकाल के दौरान इनकी कार्य प्रणाली के जितनी भी प्रशंसा की जाय वह कम है इनके कार्यप्रणाली काफी सराहनीय रहा । डॉक्टर चौधरी व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति है ।डॉक्टरो ने उनके व्यक्तित्व और व्यवहार की प्रशंसा करते हुए भावुक हो गए । डॉक्टर ने कहा कि डॉक्टर हरिशंकर चौधरी 7 अप्रैल 2007 से लगातार अनुमंडलीय अस्पताल में रहकर बड़ी ही कर्तव्य निष्ठा ईमानदारी पूर्वक कार्य को निर्वाहन किया। ईश्वर के दूजे भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर की छवि डॉक्टर हरिशंकर चौधरी में पूर्ण रूप से दिखाई दे रही है। वे सदैव मरीज के दर्द को अपने दर्द समझकर वह कार्य करते हुए उन्हें निरोग बनाने में अहम भूमिका निभाते रहे । इस मौके पर डॉ हरिशंकर चौधरी ने कहा कि वे सदैव अनुमंडलीय अस्पताल को मंदिर समझ कर हर मरीज को स्वस्थ करने की बीड़ा उठा लिए थे । उन्होंने सम्मान समारोह के दौरान भावुक होकर सभी डॉक्टरों व कर्मियों से गुजारिश किया कि जिस तरह से हमे डॉक्टर एवं कर्मियों ने सहयोग किए हैं उसी तरह से नए प्रभारी पूनम कुमारी को भी सहयोग करेंगे । मैं आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास करते हैं कि नए प्रभारी पूनम कुमारी भी मरीजों व कर्मियों के साथ अपनी मधुर्भाशी व्यवहार के साथ सबके साथ मिलजुल कर कार्य को अच्छी तरह से निपटाते रहेंगे और मरीजों की सेवा से बड़ी सेवा कोई कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके पूर्व दिघवारा प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 2004 से 6 अप्रैल 2007 तक रहे इसके पहले वह रोहतास जिले के नसीरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रहे । उनकी प्रथम पोस्टिंग बक्सर जिले की सिंगारी प्रखंड में 1990 में हुई थी जो अक्टूबर 2000 तक कार्य किये। वे अपना जन्म भूमि पटना के गुलजारबाग के बड़ी पटन देवी के नजदीक बताया । उन्होंने बताया कि अपने नौकरी करने के दौरान परिवार समाज और ईश्वर के सहयोग से कुम्हार पटना में अपार्टमेंट में रह रहे हैं । उन्होंने कहा कि डॉक्टर और शिक्षक कभी सेवानिवृत्ति नहीं होते हैं ।यह दोनों मार्गदर्शन और समाज के उत्थान में आहम भूमिका निभाते हैं ।मेरी जब तक की सांस रहेगी मैं मरीजों के सेवा करते रहूंगा । इस मौके पर विनोद सिंह सम्राट आशुतोष कुमार ,लाल बाबू कुशवाहा, राम विनोद सिंह रामबालक सिंह सहित क्षेत्र के गण्यमान्य लोग एवं नयागांव शाहपुर गोविंद चौक सबलपुर सीएचसी के कर्मी मौजूद रहे।
सारण जिले से अजय कुमार की विशेष रिपोर्ट। इस खबर को पढ़ने और सुनने के लिए मोबाइल बनी एप्लीकेशन डाउनलोड कर कर इसे पढ़ सकते हैं और पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैंजिले में आज से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से वंचित राशन कार्ड धारकों का नि:शुल्क बनेगा आयुष्मान कार्ड: प्रधानमंत्री जन- आरोग्य योजना से अयोग्य लाभुकों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से मिलेगी सहयता: पंचायत जनप्रतिनिधि सहित स्वास्थ कार्यकर्ता भी करेंगे सहयोग: सिविल सर्जन खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारियों को 5 लाख रुपए तक का मिलेगा निःशुल्क चिकित्सा: डीपीसी जिले में सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा 17160 का हो चुका है इलाज: आईटी प्रबंधक छपरा, 0 2मार्च। जिले के राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी है। अब वैसे राशन कार्डधारी जिनका प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत योग्य लाभुकों की सूची में नाम नहीं है, उनके लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से मदद मिलना निश्चित हो गया है। क्योंकि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार द्वारा राशन कार्ड धारकों का आयुष्मान भारत कार्ड भी आज से बनाया जाएगा। इस विशेष अभियान का शुभारंभ दो मार्च शनिवार से होना सुनिश्चित किया गया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन- आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से सभी जिलेवासियों को नि:शुल्क आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली की दुकान या कॉमन सर्विस सेंटर यानि वसुधा केंद्र पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यवस्था की गयी है। पंचायत जनप्रतिनिधि सहित स्वास्थ कार्यकर्ता भी करेंगे सहयोग: सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने बताया की जिलाधिकारी अमन समीर ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक दिशा- निर्देश दिया गया है कि कार्ड बनवाने से एक भी लोग वंचित नहीं रहें । इसके लिए पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड और पंच सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी सहयोग करेंगे। क्योंकि जितना ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाएगा, उतना ज्यादा कार्ड बनाया जा सकेगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता भी अपने- अपने क्षेत्रों में गृह भ्रमण कर लोगों को जागरूक करेंगी और कार्ड बनाने के लिए प्रेरित करेंगी एवं कार्ड बनने के बाद इलाज में होने वाले सरकारी मदद की भी जानकारी देंगी। प्रखंड स्तर पर संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी के रूप में चिन्हित किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारियों को 5 लाख रुपए तक का मिलेगा निःशुल्क चिकित्सा: डीपीसी जिला योजना समन्वयक नीरज कुमार ने बताया कि जिले में अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से वंचित राशन कार्ड धारकों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। क्योंकि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तर्ज पर ही 2013 खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारियों को इसका लाभ मिलेगा। किसी कारणवश जो राशनकार्ड प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं ले सके हैं, उन लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मुहैया कराया जाएगा। जिसमें पात्र लाभार्थियों को वर्ष में 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा प्रदान करने के लिए किया जाता है। योजना का संपूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजना से संबंधित गोल्डन कार्ड बना कर उपलब्ध कराई जाए। जिले में सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा 17160 का हो चुका है इलाज: आईटी प्रबंधक आयुष्मान भारत के जिला आईटी प्रबंधक अभिनय कुमार ने बताया कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है। जिसे शत- प्रतिशत सफल बनाने में हम सभी की सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। इस अभियान में खासकर पंचायती राज संस्था से जुड़े प्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। क्योंकि उक्त कैंप में अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में अब तक इस योजना के अंतर्गत 17 हजार 160 लाभार्थियों को इस योजना से लाभांवित किया जा चुका है। जबकि 5 लाख 31 हजार 256 परिवार के 28 लाख 95 हजार 434 सदस्यों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि जिले में अभी तक 2 लाख 22 हजार 573 लाभार्थियों का आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाया गया है। आयुष्मान भारत योजना से निबंधित निजी अस्पतालों की सूची: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तिचक, परसा, सारण अखिलेश्वरी दंत चिकित्सालय, सब्जी बाजार, मढ़ौरा मीरा हॉस्पिटल, काशी बाजार, छपरा सिद्धि विनायक मेटरनिटी एंड ट्रॉमा सेंटर, काशी बाजार, छपरा द ऑर्नेट हॉस्पिटल, सोनपुर इस सूची के अलावा जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में इस योजना से तहत सेवाएं उपलब्ध है।
पहलेजाघाट थाना के एसआई अरुण कुमार के सेवानिवृत्ति होने पर थाना से दी गई भवविनि विदाई सोनपुर । पहलेजाघाट थाना में पदस्थापित एसआई अरुण कुमार के सेवानिवृत होने पर थाना से थानाध्यक्ष टुनटुन कुमार ने उन्हें अंग वस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर उन्हें भवविनि विदायी दी । इस मौके पर थानाध्यक्ष टुनटुन कुमार ने बताया कि उनके कार्य प्रणाली काफी सराहनी रहा । इन्होंने अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी के साथ स-समय से करते रहे। सभी कर्मियों एवं आम जनता के बीच सामंजस बैठा कर वे कार्य का निर्वहन करते रहे । वे इस थाना में 18 माह पूर्व पश्चिमी चंपारण के बगहा से यहां आकर पहलेजाघाट थाना में पद स्थापित हुए थे ।सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यालय से भवविनि विदाई दी गई । इनका निवास स्थान सारण जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के डुमरी गांव के निवासी है ।
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दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
एक बार फिर आ गया है... ग्लेनमार्क कुकिंग कॉम्पटीशन!! जहां आपको रिकॉर्ड करनी है पोषक तत्वों से भरे व्यंजनों की रेसिपी. चुने हुए प्रतिभागियों को मिलेगा मुंबई जाने का मौका.. तो फोन में नम्बर 3 का बटन दबाएं और रिकॉर्ड करे रेसिपी!!
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानि की NCRB के हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में 23,178 गृहिणियों ने आत्महत्या की थी। यानी देशभर में हर दिन 63 और लगभग हर 22 से 25 मिनट में एक आत्महत्या हुई है। जबकि साल 2020 में ये आंकड़ा 22,372 था। जितनी तेज़ी से संसद का निर्माण करवाया, सांसद और विधायक अपनी पेंशन बढ़ा लेते है , क्यों नहीं उतनी ही तेज़ी से घरेलु हिंसा के खिलाफ सरकार कानून बना पाती है। खैर, हालत हमें ही बदलना होगा और हमें ही इसके लिए आवाज़ उठानी ही होगी तो आप हमें बताइए कि *---- आख़िर क्या वजहें हैं जिनके कारण हज़ारों गृहणियां हर साल अपनी जान ले लेती हैं? *---- घरेलू हिंसा को रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए ? *---- और क्या आपने अपने आसपास घरेलू हिंसा को होते हुए देखा है ?
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।
