सोनपुर कलयुगी मां ने एक नवजात बच्ची को कपड़े में लपेटकर खेत में फेंक दिया। कहते हैं की माता कुमाता नहीं होती है लेकिन इस कलयुग में भी नवजात बच्ची को फेंकने वाली खेत में वह कलयुगी मां के तनिक उस बच्ची के प्रति दया की भावना नहीं जागी जिसने नौ माह तक गर्भ में रखी थी । एक ऐसा ही मामला सोनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत त्रिभुवन चौक और पहलेजा घाट पुरानी रेलवे लाइन के बीच चौसिया गांव के एक खेत में नवजात बच्ची रोते विलखते ढंड से छटपटा रही थी । ग्रामीण सुबह में टहलने के दौरान खेत मे एक कपड़े में लपटी हुई नवजात बच्ची को रोते हुए देखा । इस घटना के संबंध में चौसिया गांव की एक युवक ने इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी जहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई । एकत्रित लोगों ने जितनी मुंह उतनी तरह के बातें लोग कर रहे थे कोई कह रहा था कि इस कलयुगी मां की तनिक भी दया नहीं आई जिन्होंने नवजात बच्ची को जन्म देकर इस स्थान पर फेंक दिया है। इस घटना की जानकारी सोनपुर पुलिस को दी जहां पुलिस ने पहुंचकर उसे नवजात बच्ची को रविवार को सुबह सोनपुर के अनुमंडलीय अस्पताल में जांच पड़ताल करने के बाद इसकी जानकारी छपरा चाइल्ड लाइन को दी । जहां छपरा के चाइल्ड लाइन की टीम ने सोमवार को पहुंचकर उस बच्ची के डॉक्टर के देखे रेख में जांच पड़ताल करते हुए उस बच्ची को छपरा ले जाने के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू करते हुए इस संबंध में सोनपुर बीडीओ डॉक्टर सुदर्शन कुमार एवं महिला पुलिस पूर्णिमा कुमारी, सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर हरिशंकर चौधरी ,चौसिया के वार्ड प्रतिनिधि राजीव कुशवाहा के उपस्थिति में उस नवजात बच्ची को छपरा के बाल सरक्षण के टीम ने लेकर चला गया । वही चौसिया के एक महिला जो निः संतान है जो उस बच्ची को गोद लेना चाह रही थी। क्योंकि वह बच्ची जब खेत में पड़ी थी तो ग्रामीणों की भीड़ में वह महिला भी पहुंचकर उसे बच्ची को सा हृदय से लगाकर उसे गोद लेने की कबूल की थी जहां उस बच्ची के साथ अस्पताल से घर-घर से अस्पताल तक और डॉक्टर के बच्ची के जांच पड़ताल करने में अहम भूमिका निभाई है ।ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
