हसोनपुर आजादी के 75 वर्ष गुजर गए लेकिन भारत के धर्म क्षेत्र के नक्शे पर एक विशिष्ट स्थान रखने वाला हरिहर क्षेत्र सोनपुर को अब तक जिला का दर्जा नहीं मिला । यह वही क्षेत्र है जहां विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला लगता है। यहां एशिया के सबसे बड़ा रेलवे प्लेटफार्म है। कई महाविद्यालय दर्जनाधिक उच्च विद्यालय ,मंडल रेल कार्यालय, अनुमंडल अस्पताल, डाकबंगला ,अनुमंडल व्यवहार न्यायालय, अनेकों विभाग के अनुमंडलीय कार्यालय हैं। सोनपुर जिला बनने का हक रखता है। यहां की आबादी भी धनी है । बाबा हरिहर नाथ का मंदिर सहित यहां अनेको ऐतिहासिक एवं धार्मिक मठ मंदिर भी है। सोनपुर में अक्सर विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। मालूम हो कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर जिला बनाओ संघर्ष समिति दो दशाब्दी पूर्व से सोनपुर को जिला का दर्जा प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रही है। समिति के संयोजक विश्वनाथ सिंह अधिवक्ता के नेतृत्व में जिला की मांग को लेकर समय-समय पर धरना प्रदर्शन भी किया जा चुका है लेकिन बिल्कुल शांति के तहत। वैसे इस मांग को लेकर सोनपुर मेला समापन के मौके पर स्थानीय विधायक डॉ रामानुज प्रसाद खुले मंच से अपना आवाज बुलंद किया लेकिन इनके बातों पर समापन समारोह में आए अन्य वक्ताओं ने कोई समर्थन नहीं किया। जबकि अन्य वक्ताओं ने सोनपुर तथा यहां के मेला विकास पर खूब डींग हांकने का काम किया। बिहार के वर्तमान मंत्री चाहे भाजपा के साथ रहे हो या राजद के साथ एक बार भी मेला उद्घाटन या समापन के महत्वपूर्ण अवसर पर आने का उत्साह नहीं दिखलाया । यहां तक की वे बाबा हरिहर नाथ मंदिर में दर्शन करने तथा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी कभी नहीं आए जबकि वर्तमान महामहिम राज्यपाल कुछ ही माह पूर्व बाबा हरिहर नाथ मंदिर में आकर पूजा अर्चना कर चुके हैं । खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें।