23-24 जनवरी को शेखावाटी क्षेत्र व जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में भी मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है
नमस्ते साथियो जयपुर वाणी पर आपका स्वागत है, आशा करते हैं आप जयपुर वाणी के प्रोगाम सुनते होंगे और साँझा भी करते होंगे | हाल ही में अपने सुना या पढ़ा होगा की मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से कारन आज 17वीं मौत की खबरें प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट किया गया है कि मृतक ने भागीरथपुरा की एक होटल में चाय-नाश्ता भर किया, उसके बाद बीमार पड़े, किडनी फेल हुई और मौत। एक गिलास साफ पानी नहीं मिलने से किसी की जिंदगी चली गई, वहीं दूसरी तरफ इंदौर में पेयजल सप्लाई का 65 फीसदी हिस्सा वर्ष 2018 में जलहानि के रूप में दर्ज हुआ। जयपुर वाणी के श्रोता को साँझा करना चहहगय की जल हानि को दो तरह से देखा जाता है। भौतिक हानि में मुख्य रूप से पाइप लाइन जोड़ों, संयोजन जलाशयों में रिसाव तथा सम्प से ज्यादा पानी बहने के कारण हैं, जबकि अभौतिक हानि की श्रेणी में पानी की चोरी, असंबद्ध कनेक्शन, गलत मीटर रीडिंग, पानी की खुली टोंटियां आदि से होने वाली हानि को जोड़ा जाता है। 2013-14 में भोपाल में पानी की बर्बादी 30 प्रतिशत थी, जबकि इंदौर के लिए उस वर्ष कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। 2014-15 में भोपाल में जल हानि 30 प्रतिशत रही, वहीं इंदौर में यह 65 प्रतिशत दर्ज की गई।2015-16 में भोपाल में पानी की बर्बादी बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई, जबकि इंदौर में यह 70 प्र तिशत तक पहुंच गई। 2016-17 में भोपाल में जल हानि 38 प्रतिशत बनी रही और इंदौर में यह 69 प्रतिशत रही। 2017-18 में भोपाल में भी जल हानि 38 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि इंदौर में यह 65 प्रतिशत रही। हाल की स्तिथि को देखते हुए इंदौर में प्रदूषित जल मामले को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में पांच जनहित याचिकाओं की सुनवाई एक साथ की है । कोर्ट ने छह जनवरी को सरकार से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा था। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि पानी लोगों का एक मौलिक अधिकार है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल मामले से पूरे देश में सबसे साफ शहर की छवि को नुकसान पहुंचा है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। इधर बीमार होने का मामला थम नहीं रहा है। मंगलवार को 38 नए बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हम सब यही प्रयास कर सकते हैं की हम हमारे आस पास जल संसाधानो की अच्छे से देख रेख करे, गन्दा पानी आने पर जल अभियंतिकी विभाग को सूचित करे, सीवर और नाले के भराव पर नगर निगम से बातचीत करे, आपस में इन मुद्दों को समझे और प्रतिक्रिया दिखाए | इस समाचार को जानकर, आप अपने सुझाव हमे नंबर 3 दबा कर दे सकते हैं, यदि आपने भी अपने क्षेत्र में पानी और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों को समाधान की और लाया है तोह अपनी कहानी हम से जरूर साँझा करे | हम जल्द आपको मिलेगी नए सदेश के साथ धन्यवाद |
राजस्थान में दर्ज मौसम अपडेट: 11 जुलाई पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से भारी तथा पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई | राज्य में सर्वाधिक वर्षा चाकसू (जयपुर) में 97 मिलीमीटर दर्ज की गई | राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया | राज्य में निम्नतम न्यूनतम तापमान सिरोही में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया | मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर
महावारी को सब अपने पहलु में जानते है पर क्या आपने कभी जाना है ट्रांस समुदाय का हक़ और माहवारी से जुडी बात - आये सुनते हैं और समझते हैं इस पहलु को, माई के सन्देश में।
महावारी को सब अपने पहलु में जानते है पर क्या आपने कभी जाना है ट्रांस समुदाय का हक़ और माहवारी से जुडी बात - आये सुनते हैं और समझते हैं इस पहलु को, माई के सन्देश में।
पेंशन नहीं आरही है तीन महीने से क्या करे में वन विहार में रहती हों ?
मेरी पेंशन बन नहीं रही मेरी उम्र ५५ साल हो गई है में क्या करू ?
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पेंशन नहीं आरही है तीन महीने से क्या करे ?
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नमस्ते साथियो जयपुर वाणी पर आपका स्वागत है आज के प्रोग्राम में हम जानंगे की पानी का सदुपयोग अपने स्तर पर कैसे करें। स्वच्छ सुरक्षित ताज़ा पीने का पानी जीवन की अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है। और इसका सही उपयोग भी करना उतना ही महत्वपूर्ण हैं। अगर हम पानी का सही इस्तमाल करेंगे तो इसकी पहुंच को सभी तक सुनिश्चित किया जा सकेगा अपने देखा होगा जो घर थोड़े उचाई वाले स्थानो में बेस है वहा पानी बहुत काम ही पहुंच पता है और ऐसा तब होता है जब पानी को हम वियर्थ फैलाते है या नल बंद करना उचित नहीं समझते हैं। हम सभी जानते हैं हमारा राज्य, राजस्थान को की भारत के एक सूखा ग्रसित राज्यों में से एक हैं इसी वजह से हमे पानी की महत्वता को दुसरो से ज़्यदा समझने की आवशकता है, क्या आप जानते हैं जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश का पूर्वानुमान लगाना अब उतना आसान नहीं रहा है इस जलवायु परिवर्तन के कारन, पानी सम्बंधित संग्रह बढ़ भी सकते हैं ऐसे में हम पानी का सूझता के साथ इस्तमाल करना है और जहाँ तक संभव हो, मीठे पानी को बचाना है यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे हम सभी जल के उपयोग को कम करने, मीठे जल के पर्यावरण की रक्षा करने तथा अपने जल बिलों पर पैसे बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। घर पर हम - टपकते नलों को ठीक करवा सकते हैं । धीरे-धीरे टपकने वाला नल भी साल में 20,000 लीटर तक पानी बरबाद कर सकता है - वह पानी जिसके लिए आप पैसे देते हैं लेकिन कभी इस्तेमाल नहीं करते। पानी बचाने वाले शॉवर हेड का इस्तेमाल करें पीने के लिए मटके का पानी या फ्रिज में बोतल भर के रखें। इस तरह आपको गर्मियों में नल को तब तक चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी जब तक कि पानी पीने लायक ठंडा न हो जाए। शौचालयों में आप इस्माल किये हुए पानी को फ्लश करने के लिए उपयोग में ले सकते हैं और सिर्फ खुद की सफाई हेतु साफ़ पानी का इस्तमाल कर सकते हैं पानी के अधिकतम उपयोग जैसे वॉशिंग मशीन का उपयोग केवल जयदा कपडे इक्ठटा होने पर ही इसका एतमाल करे। गाड़ियों को एस्प्रे या गिला कपड़ा करके धोये, बिना वजह पानी को न बहाये। पानी की टंकी स्थापित करें: कई स्थानों पर, छत से बहकर आने वाले पानी को इकट्ठा करने के लिए पानी की टंकी स्थापित करना, घर या बगीचे में उपयोग के लिए वर्षा जल को इकट्ठा करने का एक आसान और व्यावहारिक तरीका है। बगीचे में कम पानी की आवश्यकता वाले पौधों का उपयोग वाले पौधे उद्यान में लगाएँ। और इसमें हमारे अपने देशी पौधों से बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है, अपने लॉन या बगीचे में ज़्यादा पानी न डालें। जड़ों को ज़्यादा गहराई तक बढ़ने दे। बरसत के समय पोधो और पेड़ो में पानी देना अनदेखा करे। साथ ही, गर्मियों के दौरान अपने घास काटने की मशीन का स्तर ऊँचा रखें और अपने लॉन को लंबा होने दें। घास को लंबा रखने से मिट्टी की सतह पर छाया रहती है और वाष्पीकरण से होने वाला नुकसान कम होता है। पिने वाले पानी को डंडीदार लोटे का उपयोग से इस्तमाल करे, पानी में गंदे हाथ न डेल और उसे पिने योग्य बनाये रखे गर्मियों के समय टंकियों को कवर करके रखे जो की पानी को वाष्पित होने से रोकने में मदद करेगा। जहा भी जाये अपने साथ पानी की एक बोतल रखे ताकि नल से पानी पिटे समय वो व्यर्थ न बहे साथ ही इस से आपको अन्य पानी की बोतल करदने की जरुरत नहीं होगी और आप पानी का सही उपयोग कर पाएंगे। साथियो अगर आपके पास भी ऐसी ही कोई अन्य जानकारी है जो पानी के सदुपयोग में सहायता करेगी तोह हमे नंबर ३ दबा के बताये
वार्ड नंबर 7, न्यू संजय नगर की ही सदस्या मुबीना जी ( एकलनारी) इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी बस्ती के पानी की कहानी को साझा कर रही है - कैसे समुदाय ने पानी को लेके संघर्ष किया और कैसे सभी समुदाय के लोगी ने मिल कर, पानी पर काम किया और बस्ती की पानी की समस्या को हल किया। तोह आइये सुनते हैं मुबीना जी को

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Sept. 23, 2024, 12:50 p.m.