दोस्तों, गलीगली सिम सिम कार्यक्रम के आज की कड़ी में हम सुनेंगे चमकी को सवाल पूछना बाते करना, नए दोस्त बनाना अच्छा लगता है । तो आइये सुनते है गुगली और चमकी की चटपटी बातें। आप भी लिंक पर क्लीक करें और सुने इस कहानी को ।

आज अर्थशास्‍त्र विषय में शिक्षक डॉक्टर विजय कुमार द्वारा अर्थ शास्त्र विषय में केंद्रीय बैंक के साख नियंत्रण कार्य के बारे में जानेंगे।जल्दी से क्लिक करे ऑडियो पर और सुने आज की कड़ी।

भारतीय रेलवे ने नवरात्र शुरू होने से पहले 39 जोड़ी यानि 78 स्पेशल ट्रेनों के संचालन के लिए हरी झंडी दे दी जो विभिन्न जोनों में सुविधानुसार चलाई जाएंगी. इन ट्रेनों में ज्यादातर एसी स्पेशल, राजधानी, शताब्दी और दूरंतो श्रेणी की होंगी। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

कोरोना काल में आने वाले दिनों में तमाम फेस्टिवल को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की हैं. मंत्रालय ने सभी लोगों से अपने घरों में रहकर त्‍योहारों को मनाने की अपील की। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

प्याज के भाव स्थिर नहीं रह पाते. कभी ये डेढ़-दो रुपए प्रति किलोग्राम तो कभी इनका भाव 22 रुपए प्रति किलो तक भी पहुंच जाता है. इसकी वजह है इसका सरकारी आंकड़े का सही नहीं होना. आंकड़ों में जब प्याज की कमी बताई जाती है, तब बंपर आवक हो जाती है, जबकि व्यापारी जमीनी स्तर पर कार्य करता है, वह इसका लाभ उठा ले जाता है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

राजनितिक विज्ञान विषय के शिक्षक डॉक्टर एन.के. शर्मा आज की कड़ी में समकालीन विश्व राजनीती में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के वर्चस्व बारे में बताया। इसे विस्तारपूर्वक पाठ सुनने के लिए क्लिक करे ऑडियो पर...

झारखंड राज्य के देवघर जिला से नवरंजन कुमार मोबाईल वाणी के माध्यम से नवजात शिशु के खान पान के बारे में बताया।

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के साइली चाय बागान ने सोमवार को अपना परिचालन बंद कर दिया जिसके कारण त्योहारों के पहले करीब 1,500 लोग बेरोजगार हो गए हैं. चाय बागान के कामगारों ने कहा कि प्रबंधन ने सुबह काम रोकने का नोटिस मुख्य दरवाजे पर लगा दिया. उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के लिए बोनस लेने के लिए बातचीत चल रही थी और बातचीत चलने के बीच ही काम को रोक दिया गया.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

साल 2020-21 के लिए गन्ने की पेराई शुरू हो गई है, लेकिन किसानों ने पिछले साल चीनी मिलों को जो गन्ने बेचे थे, उसमें से अभी भी 8400 करोड़ रुपये बाकी हैं. जबकि रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) में उत्तर प्रदेश की मिलों ने रिकॉर्ड 1,119.02 लाख टन गन्ने की पेराई की थी, जिसकी कुल कीमत 35,898.15 करोड़ रुपये थी। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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