कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए लॉकडाउन आखिरी जरिया हो सकता है लेकिन लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हो रहे लोगों के सामने विकल्प के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं. हम आपसे जानना चाहते हैं कि जो मजदूर शहरों से गांव लौटे ​हैं उन्हें वहां मनरेगा या दूसरी सरकारी योजनाओं की मदद से रोजगार मिल रहा है या नहीं? सरकार गरीबों के लिए नि:शुल्क राशन का एलान कर चुकी है, क्या आपको इस विषय में जानकारी है? क्या गांव में सरकारी राशन दिया जा रहा है या फिर किसी तरह की समस्या आ रही है? क्या बच्चों को अभी भी सरकारी मिड डे मील योजना के तहत राशन या पैसे दिए जा रहे हैं? अगर नहीं तो आप इसकी शिकायत कहां कर रहे हैं? अपनी परेशानी और बात हम तक पहुंचाएं फोन में नम्बर 3 दबाकर.

Transcript Unavailable.

साथियों, जिस भयावहता को इंसानियत देख रही है, हममें से किसी ने उसकी कल्पना नहीं की थी. आम आदमी सरकार को टैक्स दे रहा था ताकि जरूरत पड़ने पर उसे व्यवस्था मिले, लेकिन मिला क्या ? साथियों, हमें बताएं कि शहर से गांव लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिल रहा है या नहीं? लॉकडाउन लगने के बाद क्या कंपनी मालिकों ने आर्थिक मदद दी? आपके गांव लौटने का मुख्य कारण क्या था? पिछली बार की तरह इस बार भी आपको नि:शुल्क राशन मिल पा रहा है? क्या कभी ऐसा हुआ है कि राशन की कमी के कारण आपको या परिवार के किसी सदस्य को भूखे सोना पड़ा हो या फिर अपने खाने में कटौती करनी पड़ रही हो? शहर से गांव लौटने के दौरान आपको किस तरह की दिक्कते हैं? क्या आपको साधन मिले या फिर किसी से मदद लेनी पड़ी? अपनी बात हम तक पहुंचाने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.

साथियों, हम सभी बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. कोरोना की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है. दवाओं की किल्लत है, अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है, लोग ऑक्सीजन मांग रहे हैं और इन सबके बीच मौत के आंकड़े हर रोज डराने लगने लगे हैं. सरकार लोगों से गुजारिश कर रही है कि वे अपने घरों में रहें, ताकि लॉकडाउन लगाने की नौबत ना आए. इन विकट हालातों में आप सरकार से क्या अपेक्षा कर रहे हैं? लॉकडाउन लगने या ना लगने के संबंध में आपके क्या विचार हैं... उन्हें हम तक पहुंचाएं, अपने फोन में नंबर 3 दबाकर.

साथियों , पंचायत समिति विकास खंड स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है जो ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के बीच एक सम्वन्यक की भूमिका अदा करती है। तो आप हमें बताएं कि - क्या आप अपनी पंचायत समिति के बारे में जानते है? - क्या कभी किसी ग्रामसभा या पंचायत में जन सुनवाई के दौरान आपके पंचायत समिति के प्रमुख भाग लेते है और आप की बातों पर गौर कर पंचायत को निर्देश देते है? - आपके हिसाब से पंचायत समिति या प्रमुख की क्या भूमिका होनी चाहिए ? - और क्या आपकी बात वहां सुनी जाती है ? - और मुखिया या सरपंच पर योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंचायत समिति किस प्रकार से दबाब बना सकती है .साथ ही प्रखंड के अधिकारी कैसे जिम्मेदारियों को सुनिश्चित कर सकते है इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।

तो साथियों , सुना आपने। पंचायतों में समितियों का कितना महत्व व आवश्यकता है। तो आप हमें बताएं कि - क्या आप अपनी पंचायत में होने वाले कार्यो के बारे में जानते है या उसकी योजना बनाते समय आपकी राय ली जाती है? - साथ ही अगर आपके गाँव में तालाब सिचाईं के लिए सुविधा नहीं है तो क्या आपने अपने ग्राम पंचायत से इसकी मांग की ? - और आपके मुखिया में क्या क्या गुण होने चाहिए ? और अगर मुखिया के चुनाव देरी होती है तो आपको कैसी परेशानी होगी ?क्या आप सरकारी बाबुओं के सामने अपनी बात खुल कर रख पाते है ? साथ ऐसा क्या करना चाहिए की पंचायत चुनाव सही समय पर हो ?

सोमवार 5 अप्रैल को बिहार का सासाराम शहर अचानक भड़क उठा.शहर के कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे बच्चे सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो मामला और गरमा गया. ये सारा गुस्सा इसलिए था क्योंकि सरकार बिहार में कोचिंग संस्थानों को बंद किए हुए है. वैसे ये फैसला देश के बाकी राज्यों के लिए भी लिया गया है

साथियों , गॉँवों में शिक्षा की कमी एवं गरीबी के कारण आये दिन कोई-न-कोई विवाद हुआ करते हैं एवं ग्राम वासी जटिल कानूनी प्रक्रिया के चक्कर मं फॅँस जाते हैं एवं बाद में चाहते हुए भी आपस में समझौता न कर पाते है। इसलिए इन मुद्दों को ध्यान में रखकर सर्वप्रथम यह प्रावधान किया गया कि किसी भी मुद्दे या विवाद को सामने आने पर ग्राम कचहरी का दायित्व होगा कि पक्षकारें के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार कर समझौता कराए ताकि ग्राम वासियों की मेहनत की कमाई का पैसा उनके विकास पर खर्च हो न कि कानून की जटिल प्रक्रियाओं पर। तो आप हमें बताएं कि — आप ग्राम कचहरी के बारे में क्या जानते हैं? — क्या आपके गांव में कचहरी लगती है और आपने उसमें कभी हिस्सा लिया है? — क्या आपने वहां प्रकरणों का निपटारा होते देखा है? अगर हां तो अपना अनुवभ हमारे साथ साझा करें. — अगर आपने ग्राम कचहरी में कोई सवाल पूछा हो और उसका जवाब मिला हो तो उसके बारे में बताएं? — आपके हिसाब से ग्राम कचहरी की जरूरत है या नहीं? क्या इनके होने से ग्रामीणों को फायदा मिलता है? . इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।

साथियों , आसान भाषा में कहें तो मुखिया का पद बहुत ही महत्वपूर्ण और जिम्मेदारियों वाला है। यदि ग्राम पंचायत किसी गाँव के विकास के लिए रीढ़ की हड्डी है, तो सरपंच या गाँव का मुखिया उस रीढ़ की हड्डी को अपने अच्छे कामों से मज़बूती देता है। तो आप हमें बताएं कि -- क्या आपके गाँव का मुखिया अपने पंचायत में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बिना किसी भेदभाव के करवा रहा है ? -- क्या आपके गांव में ग्राम सभा की बैठक होती है ? अगर हां तो अपना अनुभव साझा करें -- क्या आपको कभी ये महसूस होता है कि ग्राम प्रधान को उसके पद से हटाया जाना उचित है ? और इसके लिए क्या आपने अपने गाँव के लोगो के साथ बैठक की ? --- साथ ही इस बैठक में आपको अन्य सदस्यों का किस प्रकार साथ मिला ? इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।

ग्रामसभा की बैठक में सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ही पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ एवं ग्रामीण विकास को गति प्रदान कर सकती है। इसलिए ग्रामसभा के सभी सदस्यों को बैठक में हिस्सा लेना केवल उनका अधिकार ही नहीं परन्तु उनका परम कर्त्तव्य भी है। तो साथियों आप हमें बताएं कि — आप ग्राम सभा के बारे में कितना और क्या जानते हैं? क्या आपने कभी अपने गांव में ग्राम सभा की बैठक होते देखी है अगर हां तो अपना अनुभव साझा करें इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।