विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर एक नई एडवाइजरी जारी की है. उनका कहना है कि छुट्टियों के दौरान लोग विशेष सावधानी बरतें और गले मिलने से परहेज करें. यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब दुनिया में क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने की तैयारी हो रही है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

देश के कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए. नए दिशानिर्देश एक दिसंबर से लागू होंगे और 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे. इन नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, राज्यों को अपने यहां के हालात के हिसाब से नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले लेने के अधिकार होंगे, लेकिन केंद्र से चर्चा किए बगैर वे कंटेनमेंट जोन से बाहर लॉकडाउन का फैसला नहीं ले पाएंगे। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

केन्द्र सरकार ने कहा है कि बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स को खोलने जैसी विभिन्न गतिविधियों को अनुमति देने के बारे में मौजूदा दिशानिर्देश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाकों में 30 नवंबर तक लागू रहेंगे।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 30 सितंबर को अनलॉक 5 के तहत जो दिशा-निर्देश जारी किये थे उनमें 15 अक्तूबर से सिनेमाहॉल खोलने की भी अनुमति दी थी. इसके बाद दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में सिनेमाघर खोले जा रहे हैं.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोरोना काल में आने वाले दिनों में तमाम फेस्टिवल को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की हैं. मंत्रालय ने सभी लोगों से अपने घरों में रहकर त्‍योहारों को मनाने की अपील की। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक 5 के लिए गाइडलाइन जारी कर दी हैं. गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, अनलॉक-5 में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स 50 प्रतिशत सीटों के साथ खोले जाएंगे. गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, अनलॉक-5 में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स 50 प्रतिशत सीटों के साथ खोले जाएंगे. 15 अक्टूबर के बाद अनलॉक 5 में स्कूल और कोचिंग संस्थान खोलने का फैसला राज्य सरकारों को दिया गया है. इसके लिए अभिभावकों की रजामंदी भी जरूरी होगी।सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

देश में जिस तरह कोविड के इलाज के दौरान सरकारी अस्पतालों की लापरवाही देखने मिल रही है उसके बार राष्टीय मानवाधिकार आयोग को सख्त कदम उठाने की नौबत आ गई है. आयोग ने देश के सभी सावर्जनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए एडवाइजरी जारी की है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोरोना वायरस से बचने के लिये क्या करना है. डब्ल्यूएचओ और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई सारी जानकारियां दी हैं. गाइडलाइन भी जारी की है. लेकिन अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना से उबर रहे मरीजों के लिये भी कुछ गाइडलाइन जारी किया है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

कोरोना संकट के बीच देश में करोड़ों गरीब बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें स्कूल बंद होने और सरकारी लेटलतीफी के कारण मिड-डे मील मिलना मुश्किल हो गया है। मोबाइल वाणी के अगस्त -सितंबर 2020 के बीच हुए सर्वे में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बिहार , उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखण्ड में लॉकडाउन के कारण करीब 63 % बच्चों को मिड डे मील के बदले,सूखा राशन या कोई मौद्रिक सहायता नहीं मिल पाया है।

कोरोना वायरस के कारण मार्च महीने से बंद स्कूल को खोलने का फैसला सरकार ले चुकी है. 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के लिए स्कूल खोले जाएंगे. इसके लिए सराकर ने गाइडलाइन्स जारी कर दी है. हालांकि पहले की तहर स्कूल नहीं खोले जाएंगे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।