उत्तर प्रदेश राज्य के गाजीपुर जिला से अजित राजभर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत सरकार ने महिलाओं को प्रत्येक योजनाओं में छूट दी है। जैसे - राशन कार्ड,गैस कनेक्शन,आवास,बिजली कनेक्शन , श्रम कार्ड,इत्यादि।फिर भी कहा जाता है कि महिलाओं के नाम सम्पत्ति नही किया जाता है। यह सरासर झूठ है।यदि विभाग देखा जाए तो पंचायत विभाग में भी महिलाएं हैं।महिलाओं के लिए ग्राम प्रधान का पद आरक्षित किया गया है।पुरुषों के नाम भारत सरकार ने क्या दिया है ?
परंपरा तभी बदलेगी, जब सोच बदलेगी। जब समाज यह समझेगा कि महिलाओं को भूमि और संपत्ति में समान अधिकार देना परिवार और राष्ट्र दोनों के हित में है, तभी भारत वास्तविक अर्थों में समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ेगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *---- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *---- हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *---- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
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मध्य प्रदेश राज्य के उमारिआ जिला से मोहन सिंह राठौर को राशन कार्ड का टोल फ्री नंबर की जानकारी चाहिए
क्या आपके गाँव या मोहल्ले में किसी महिला ने अपने नाम पर जमीन या घर के कागज़ बनवाने की कोशिश की है? क्या उसका जीवन बदला? क्या परिवार का व्यवहार बदला? क्या बेटियों और बहुओं का नाम जमीन और घर के कागज़ में होना चाहिए? कैसे परिवार मजबूत होगा? आपकी राय भले ही पक्ष में हो विपक्ष में अपनी राय जरूर रिकार्ड करें। राय रिकॉर्ड करने के लिए अपने फोन से 3 नंबर का बटन दबाएँ या मोबाइल वाणी ऐप में लाल बटन दबाकर अपनी बात रिकॉर्ड करें।
अस्पतालों में सांस, बुखार व सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 2100 मरीजों का इलाज गाजीपुर। जिले में बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में सांस, बुखार, पेट दर्द और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार को जिले के 62 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में कुल 2100 मरीजों ने इलाज कराया। सबसे अधिक मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित पाए गए.......
माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से प्राप्त निर्देश के क्रम में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 14 मार्च 2026 को जनपद न्यायालय गाजीपुर, वाह्य न्यायालय सैदपुर एवं मुहम्मदाबाद, ग्राम न्यायालय जखनियाँ व जमानियाँ के साथ-साथ अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में किया जाएगा। इस संबंध में श्रीमती अर्चना-।।, सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व की भांति माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्देशित विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा........
दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
