"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू , मानसून पूर्व पौधो की नर्सरी लगाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं।नर्सरी लगाने में किसानों को कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

उत्तर प्रदेश राज्य के गाजीपुर जनपद में इन दिनों बारिश के न होने पर जहाँ पूरा देश एक तरफ प्रचण्ड गर्मी व लू की मार झेल रहा है वहीं सुख रही नदियों व तालाबों को देख किसान भी चिंतित हैं .विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ अशोक झा प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दे रहे हैं।ऑर्गेनिक खेती करने में किसानों को कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

दोस्तों, फसले बिना केमिकल के जी जाती हैं पर पानी के बिना तो जमीन बेजान ही है! मवेशियों में भी कहां इतनी जान होगी कि वो खेत जोत पाएं, हमें दूध दे पाएं! पानी तो सबको चाहिए , पर... साथियों, हमें बताएं कि पानी के प्राकृतिक स्त्रोत खत्म होने से आपको किस तरह की दिक्कतें हो रही हैं? क्षेत्र के कुएं, पोखर और तालाब प्रशासन ने खत्म कर दिए हैं या फिर वे सूख रहे हैं? क्या इन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं? अगर स्त्रोत सूख रहे हैं तो आपके पास पीने के पानी का क्या विकल्प है? क्या खेतों में पानी नहीं पहुंचने से फसलों को नुकसान हो रहा है? पानी की कमी के कारण किसानों और पशुपालकों को किस तरह की दिक्कतें हो रही हैं? खेतों में पानी पहुंचाने के लिए आपने क्या व्यवस्था की है और क्या यह पर्याप्त है? दोस्तों, पानी अहम है क्योंकि ये हमें जीवन देता है और आप तो जानते ही हैं.... जिंदगी जरूरी है!

उत्तर प्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से मोनिका राजभर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसान सम्मन निधि का लाभ लेने के लिए केवाईसी सहित बैंक खाता को आधार से लिंक जरूर करवाएं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से मोनिका राजभर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि खेत में पानी नही आने के कारण फसल को बचाना मुश्किल हो गया है। नगर सुखी पड़ी हुई है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

मैं कपिल देव शर्मा मोबाइल वाणी गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश सभी को नमस्कार। श्रोताओं खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण के माध्यम से कृषि महिलाओं का सशक्तिकरण कृषि महिलाओं को खेती के अलावा अन्य व्यवसाय भी करने चाहिए। कृषि के अलावा, जब पेशेवर काम की बात आती है, तो अधिकांश महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण में विशेषज्ञता रखती हैं और घर पर विभिन्न उत्पाद बनाती हैं। इन पारंपरिक खाद्य उत्पादों का बड़े पैमाने पर व्यावसायीकरण किया जा सकता है क्योंकि बाजार में इनकी भारी मांग है। विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों का निर्माण करने वाली कंपनियां विभिन्न प्रकार के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद बेचती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से मोनिका राजभर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि अर्चना नरेन्द्रदेव कृषि एवं प्रोधौगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के तरफ से कृषि विज्ञानं केंद्र आकुशपुर में ट्रैक्टर एवं कृषि मशीनों की मरम्मत तथा रखरखाव पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य केग़ाज़ीपुर जिला से कपिल देव शर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जल प्रबंधन के माध्यम से हम वर्षा जल की बचत कर सकते हैं। जल प्रबंधन तापमान में वृद्धि के साथ सब्जी एवं फसलों की सिंचाई , मिट्टी की नमी संरक्षण और वर्षा जल संचयन की आवश्यकता बढ़ती जलवायु में जल संकट को दूर कर सकती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से कपिल देव शर्मा ग़ाज़ीपुर मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि सब्जी उत्पादन पर जलवायु परिवर्तन का क्या प्रभाव पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन भी सब्जी उत्पादन को प्रभावित कर रहा है। सब्जियों को तापमान के आधार पर दो समूहों में वर्गीकृत किया जाता है, पहला समूह सब्जियां हैं जो कम तापमान या पंद्रह से बीस डिग्री सेंटीग्रेड पर उगाई जाती हैं, दूसरा समूह सब्जियां हैं जो तीस से चालीस डिग्री तापमान पर उगाई जाती हैं। डिग्री सेंटीग्रेड की आवश्यकता होती है। गर्मियों में बयालीस डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक और सर्दियों में पाँच डिग्री सेंटीग्रेड से कम तापमान सब्जी उत्पादन को प्रभावित करता है।