गाजीपुर। जिला गंगा समिति द्वारा राजकीय महिला पीजी कॉलेज, गाजीपुर के सहयोग से ददरी घाट पर गंगा स्वच्छता पखवाड़ा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।स्वच्छता अभियान के तहत गंगा घाट पर फैले कूड़ा-कचरा, फूल-माला एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री को साफ किया गया। इस दौरान छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। इसकी निर्मलता और अविरलता बनाए रखना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि यदि युवा जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश घर-घर तक पहुंचाएं, तो यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से महाबीर राजभर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि दिव्यांग व्यक्ति के नाम से आवास आया है। घर बनाना बहुत महँगा हो गया है
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उत्तर प्रदेश राज्य से हमारे संवादाता की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनीता राजभर से हुई। सुनीता राजभर यह बताना चाहती हैं कि इनको आवास ,शौचालय और राशन कार्ड का लाभ नहीं मिला है। वह बहुत कष्ट में है
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उत्तर प्रदेश राज्य के गाजीपुर से महावीर राजभर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्ति को छड़ी और साइकिल नही दिया जा रहा है
उत्तर प्रदेश राज्य से महाबीर राजभर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि अरविन्द राजभर को आवास का सुविधा मिलने पर भी प्रधान जी पैसा मांगते हैं। अगर वह पैसा दे देंगे तो घर कैसे बन पायेगा
उत्तर प्रदेश राज्य के बलिया जिला के मऊ जनपद से महाबीर राजभर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि इनके दोस्त के परिवार के लिए आवास आया था लेकिन ग्राम के प्रधान पैसा मांग रहे हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के बलिया जिला से महाबीर राजभर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि उनसे आवास के लिए पैसा माँगा जा रहा है
कल के नेता, आज की आवाज़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आह्वान है—युवाओं के लिए, समाज के लिए और नीति निर्माताओं के लिए। यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएं, तो वे भूमि न्याय के आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। भविष्य का भारत तभी सशक्त और न्यायपूर्ण होगा, जब आज की युवा आवाज़ भूमि पर समान अधिकार की मांग को मजबूती से उठाएगी। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- “हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *--- “अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”
