उत्तर प्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से उपेन्दर कुमार ने देवनारायण सिंह से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि हमारे क्षेत्र में बाढ़ नहीं आता है। अगर बाढ़ आये तो हमें काफी मदद होगी। इस क्षेत्र में पानी का स्तर बहुत नीचे जा चुका है। अगर नदी पोखर में जल स्तर बढ़ेगा तो हमारे क्षेत्र के जल स्रोतों में भी पानी का स्तर अच्छा होगा। इससे किसानों को भी मदद होगी। क्योंकि यहाँ की नहरों में समय से पानी नहीं आता है। ट्यूबवेल भी खराब पड़े हैं ,सरकार का ध्यान इस तरफ बिल्कुल भी नहीं है। सरकार द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर तो जारी हैं। लेकिन समस्याओं का समाधान केवल कागजों पर ही दिखता है। सरकार को गंभीरता से इन विषयों पर संज्ञान लेते हुए। जनता की भलाई के लिए कार्य करने चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के जौनपुर जिला से विकास कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जौनपुर मेंदिन भर बादल चायरहा और शाम को बारिश हुई है

उत्तर प्रदेश राज्य गाजीपुर जनपद के विजय बहादुर सिंह से हुई खास वार्ता में उन्होंने कहा कि महिलाओं का धरती आसमान दोनों में बराबरी का अधिकार है और वह अपने हक अधिकार के लिए कभी भी आवाज उठा सके उसके लिए जागरूकता लाने की जरूरत है और सुनें

उत्तर प्रदेश राज्य के गाजीपुर जनपद में किसान नेता विजयबहादुर सिंह से हुई वार्ता में उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं पर सरकार नहीं दे रही ध्यान जानें असली वजह

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उत्तरप्रदेश राज्य के गाजीपुर जिला राजेश कुमार पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि वे अपने गांव गए थे वहां जगह जगह हैण्डपंप लगे थे लेकिन जब वे पानी पीने गए बहुत ही दूषित था।पहले वहां का पानी मीठा हुआ करता था लेकिन अब गाढ़ा पानी पीना पड़ा, और हैंडपंप से निकलने वाले पानी को साफ करने का कोई तरीका नहीं था।

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उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से राजेश कुमार पटक ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमें धीरे-धीरे दैनिक जीवन में अपने आचरण को बदलना होगा।बड़ी कठिनाई से, माँ का नाम हमारे कागज़ो में लिखा जाने लगा है, अन्यथा माँ का पता नहीं था। बदलाव होगा और निश्चित रूप से एक पुरुष और महिला की एक ही जाति की वंशावली होगी।

पुराणी दिल्ली के संत नगर भगत कॉलोनी से राजेश कुमार पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से बारे रहे है कि बाबा का न ही कुछ बिगड़ा है और न ही कुछ बिगड़ने वाला है। बाबा कोई गरीब तो है नहीं ,मारा जाता है गरीब। जिनको मरना था वो तो मर चुके पर बाबाओ को कोई फर्क नहीं पड़ता है, वो दिन दोगुनी रात चौगुनी अपनी तरक्की करते है। ऐसे बाबा जेल भी जाते हैं, उन जेलों में भी उनका सत्संग चलता रहता है