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झारखंड का क्षेत्रफल क्या है? ये सवाल झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से पूछ रहे है एक स्कूल में पढ़ रहे कक्षा नौवीं के छात्र करण यादव।

उत्तरप्रदेश राज्य के गाज़ीपुर ज़िला के बिरनो प्रखंड से कपिल देव की बातचीत गाज़ीपुर मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद इरशाद से हुई। मोहम्मद इरशाद बताते है कि वो फेरीवाले है। फटे पुराने कपड़े गांव-गांव जाकर इकट्ठा कर अच्छे-अच्छे चादर ,बेडशीट बनाकर व्यापार करते है।इस व्यापार से जीविका अच्छे से नहीं चल रहा है। अगर व्यापार को बढ़ाते है तो उसके लिए पैसे चाहिए होंगे। जो इनके पास नहीं है। मशीन ,अन्य कारीगर रखने के लिए पैसे चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के गाज़ीपुर ज़िला के दुल्लहपुर से रमेश सोनी ,गाज़ीपुर मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि इन्होने दिनांक 25 अगस्त 2023 को गाज़ीपुर मोबाइल वाणी में एक ख़बर प्रसारित कर बताया था कि दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव के सब्ज़ी मंडी के पास जल विभाग द्वारा बोरवेल की खुदाई करके खुला छोड़ दिया गया था। 20 दिनों से बोरवेल खुला छोड़ा हुआ था।इस कारण ग्रामीणों में काफी भय सता रहा था कि कोई बोरवेल में गिर ना जाए। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुआ ।समस्या को देखते हुए रमेश सोनी ने गाज़ीपुर मोबाइल वाणी में ख़बर प्रकाशित कर इसे उच्च अधिकारियों को भेजा। साथ ही फोन के माध्यम से भी जिलाधिकारी से बात की गई। जिसके बाद 24 घंटे के अंदर ही ख़बर को संज्ञान में लेकर कर्मचारियों ने सब्ज़ी मंडी पहुंचकर खुले बोरवेल के गड्ढे को बंद कर दिया। जिससे ग्रामीणों में काफी खुशी है। गांव के निवासी नन्हे तिवारी ने बताया कि गाज़ीपुर मोबाइल वाणी में ख़बर चलने के बाद त्वरित काम हुआ और खुले बोरवेल को बंद कर दिया गया ।जिससे अब कोई ख़तरे की आशंका नहीं है।

उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला के बिरनो क्षेत्र बद्धुपुर गजपतपुर के स्थानीय निवासी कैलाश राम मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्हें पीएम सम्मन निधि का पैसा अभी तक नहीं आया है , जिसके लिए उन्हें खेती-वाड़ी करने में समस्या आ रही है

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उत्तरप्रदेश राज्य के गाज़ीपुर ज़िला के जखनिया क्षेत्र के बड़ा गांव चट्टी से कपिल देव की बातचीत गाज़ीपुर मोबाइल वाणी के माध्यम से एक दर्जी संजय चौहान से हुई। संजय बताते है कि वो सिलाई का व्यापार करते है। दिन भर में चार से पांच सौ रूपए कमा लेते है। इतना में इनका भरण पोषण नहीं हो पाता है। इसीलिए वो व्यापार को आगे बढ़ाना चाहते है परन्तु पैसों के आभाव में बढ़ा नहीं पा रहे है

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