जिले मुंगेर, से विपिन कुमार जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है की मुंगेर सदर प्रखंड स्थित क्षेत्र के सदर अस्प्ताल में हर साल लाखो की दवाइयां ख़राब हो जाती है इसके बाद किसी खाई में फेक दिया जाता है या आग के हवाले क्र दिया जाता है अस्प्ताल में प्रायः दवाओं की कमी बताई जाती है जिस कारण मरीजों को अस्प्ताल से मिलने वाली दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती है। अस्प्ताल के पिछले भाग में लाखो रूपये की ख़राब दवाएं फेंकी गई है। यहाँ के निवासी गोपाल यादव ने बताया की शुक्रवार को वो अपना खांसी का इलाज करवाने गए थे। उसे देखने के बाद चिकत्सक ने पुर्जे में कफ सिरप लिख दिया जब वे काउंटर पर गए तो उन्हें बताया गया की कफ सिरप खत्म हो गया है और वो बाहर से खरीद ले। मरीजों को काउंटर में बताया जाता है की दवा नहीं है किन्तु कुछ दिन बाद वही दवा ख़राब होकर सामने आने लगता है। संसद प्रवास केंद्र के बाथरूम के समीप दर्जन भर कई प्रकार की ख़राब हो चुकी दवाइयां छिपा कर रखा गया है जिसकी कीमत लाखो रूपये आंकी जा रही है। पिछले साल भी दवाएं ख़राब हो चुकी थी और इस साल जनवरी और फ़रवरी में भी दवाएं ख़राब हो चुकी है।
