बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से गांव बानाडीह के सोनू यादव से बातचीत रहे हैं, कि सोनू जी गुजरात में काम करते थे और वहाँ उनके साथ स्थानीय मजदुर भी काम करते थे। उन्हें वहाँ काम बिचौली के द्वारा मिला था। उन्हें वहां भाषा को लेकर परेशानी होती है। वहाँ के स्थानीय लोग इनकी भाषा नहीं समझ पाते। उन्होंने बताया की वहां के स्थानीय लोगों को जल्दी काम नहीं मिलता जबकि प्रवासी लोगों को तुरंत ही मिल जाता है, ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि वहांके स्थानीय लोग कम मजदूरी में ज्यादा काम नहीं करना चाहते और दूसरी तरफ प्रवासी मजदुर जो कम पैसे में भी कोई भी काम करने को तैयार हो जाते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया की वहाँ के फैक्ट्रियों में बिहार के लोगों को ज्यादा देर तक काम करवाए जाते हैं, और स्थानीय लोगों से नहीं। किसी भी तरह की बहस होने पर न ही वहां के लोग, न ही प्रसाशन उनकी कोई मदद करती।
