जनता की रिपोर्ट चर्चा मंच पर इस बार हम बात करेंगे श्रमिकों पर प्रदुषण से पड़ने वाले प्रभाव की श्रोताओ/साथियो , विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकड़ों के अनुसार विशव के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में दिल्ली पहले स्थान पर है। जहां सबसे ज्यादा प्रदुषण फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएँ से हो रहा है। साथ ही भारत के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में फरीदाबाद और गुरुग्राम का भी स्थान आता है। हम आपसे जानना चाहते है कि आप जहाँ काम करते है , वहाँ प्रदुषण की क्या स्थिति है ? फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएँ के कारण , आपकी सेहत पर क्या असर पड़ रहा है ? क्या आपने कभी अपने कम्पनी प्रबंधन से इस प्रदुषण के बारे में बात की है ? साथ ही कंपनी आपके कार्यस्थल से प्रदुषण को कम करने के लिए क्या कदम उठा रही है ?दोस्तों , हम आपसे यह भी जानना चाहते है कि प्रदुषण की वजह से आप किस तरह से प्रभावित हो रहे हैं।
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नमस्कार श्रोताओ, बात पते की कार्यक्रम में आपका स्वागत है, जैसा कि आप जानते हैं कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हम आपको श्रमिको के अधिकारों से संबंधित कानूनी जानकारी देते हैं, तो इस एपिसोड में हम बात करेंगे कि आम तौर पर लेबर कोर्ट में केस के निपटारे में कितना समय लग जाता है और सालों तक जो केस लंबित रहते हैं, तो उनका क्या कारण होता है और आमतौर पर किस तरह से इनका निपटारा होता है। इस संबंध में वकील पदम जी, जो कि दिल्ली, गुरूग्राम में श्रमिकों से जुड़े केस लड़ते हैं और कानूनी सलाह भी देते हैं, वो ज्यादा जानकारी दे रहे हैं। Padam's Byte तो श्रोताओ, जाना आपने ज़मीनी स्तर पर केस दर्ज करवाने से लेकर उसके निपटारे तक की प्रकिया के बारे में। श्रमिकों के अधिकारों से जुड़ी कानूनी जानकारियां आगे भी लेकर आएंगे, तो आप सुनते रहिए साझा मंच मोबाइल वाणी र हां अगर हमारे कार्यक्रम के ज़रिए जानकारी हासिल करके आपको लाभ पहुंचा है या आप अपनी समस्या सुलझा पाए हैं, तो हमसे ज़रूर साझा करें नंबर 3 दबाकर अपना संदेश ज़रूर रिकॉर्ड करवाएं। धन्यवाद।
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