दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन बता रही है आज मैं लोकनायक अस्पताल गई थी लोकनायक अस्पताल की इमरजेंसी की बराबर में लेडिस टॉयलेट है इस टॉयलेट में 20 से 25 महिलाएं लाइन लगाए खड़ी होती हैं यह लाइन इस वजह से लगती है क्योंकि वहां दूसरा कोई टॉयलेट नहीं है वह सिर्फ एक ही टॉयलेट है इतने बड़े अस्पताल में इमरजेंसी की बराबर व ओपीडी के पास एक टॉयलेट होने से पेशेंट को बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है गर्मी में तो इतने दिक्कत नहीं होती है मगर अब सर्दियां आते ही टॉयलेट में लाइन लगनी चालू हो जाती है क्योंकि सर्दी में पेशाब ज्यादा आता है अस्पताल प्रशासन टॉयलेट की समस्या हल नहीं कर रहा है जब के मात्र 10 कदम की दूरी पर ही एम एस साहब का ऑफिस है और वह रोज इस रास्ते से निकलते भी होंगे मगर फिर भी उनको यह टॉयलेट की परेशानी नहीं दिखती है