उत्तर प्रदेश के कानपुर से लज्जा राम साझा मंच के माध्यम से कहते हैं की साइबर कैफे को जानकारी नहीं है की श्रम कार्ड बनाने के लिए एप्लीकेशन कैसे डाऊनलोड करना है. इसके कारण कई लोग श्रम कार्ड बनवाने के लिए साइबर कैफे जाते हैं और खाली हाँथ वापस लौट आ जाते हैं। ऐसे में डिजिटल सुविधा आने से लोगों का कोई भी कार्य सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि पहले कागजी काम होने से कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ता था. लोगों को समस्या का सामना करना पद रहा है.