हरियाणा राज्य के झज्जर ज़िला के बहादुरगढ़ से मनोहर लाल कश्यप की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एस.एन कश्यप से हुई।एस.एन कश्यप बताते है कि वो प्रवासी श्रमिक है। अमेठी जिला के रहने वाले है और बहादुरगढ़ के चप्पल जूता कंपनी में काम करते है। अगर घर में कोई बीमार होते है तो वो या तो दवाई दुकानों से दवा ले लेते है या झोला छाप डॉक्टरों से इलाज करवा लेते है।तीसरी विकल्प यह रहती है कि बहादुरगढ़ का एकमात्र सिविल अस्पताल जहाँ बहुत भीड़ रहती है ,वहाँ जाना पड़ता है। वहाँ समस्या यह होती है कि अगर वहाँ से ईलाज करवाना होता है तो उन्हें पूरी दिन की छुट्टी लेनी पड़ती है। इसलिए श्रमिक अपनी दिहाड़ी न गवाने के कारण झोला छाप डॉक्टरों से ईलाज करवाने का विकल्प चुनते है। कोरोना के कारण अस्पतालों में कई नियम बने ,सामाजिक दूरी बनाते हुए ईलाज की जा रही थी। इस कारण मरीज़ों का सही से ईलाज नहीं हो पता है। साथ ही अस्पतालों में सस्ती दवा मिलती है और जो महँगी दवा होती है उसे बाहर के केमिस्ट दूकान से लेना पड़ता है। अगर ऐसी व्यवस्था हो जिसमे मोबाइल के माध्यम से चिकित्सकों से ईलाज मिल जाए तो यह सुविधा बहुत लाभदायक होगी।