उत्तरप्रदेश राज्य के गाज़ियाबाद ज़िला से रवि ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि चूड़ी की फैक्ट्री में क़रीब 17 बाल श्रमिक डिजाइनिंग का काम करते है जो सभी झारखण्ड के निवासी है जिसमे 7 बच्चों का आधार कार्ड नहीं है। इतनी छोटी उम्र में बच्चे जलती लौ में डिजाइनिंग का काम करते है। बच्चों पर पूछने पर कहते है कि ग़रीबी के कारण प्रदेश आ कर काम कर रहे है ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...