हमारे एक श्रोता ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ऐसा कहा गया था कि अब दवाइयाँ सस्ते दामों में उपलब्ध होगी परन्तु आज भी दवाई दुकानों में दवाईयाँ बहुत अधिक दामों में मिल रही है। ऐसे में सबसे ज़्यादा समस्या ग़रीब , मज़दूरों को होती है