साथियों बहुत सी कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट वर्करों को कंपनी के नज़दीक रखने के लिए प्राइवेट होस्टल मालिकों के साथ एक एग्रीमेंट साइन करती हैं.... ऐसे होस्टल मज़दूरों को रहने के लिए मुफ्त में तो दिए जाते हैं, मगर इनकी हालत बद से भी बदतर होती है, खासकर शौचालयों की हालत.... साझा मंच की स्वयंसेवक रेशमा जी की मुलाक़ात इन्हीं हॉस्टलों के कुछ मजदूर साथियों से हुई, जिन्होंने मिलकर होस्टल में समय-समय पर सफाई करवाने की मांग की, चलिए सुनते हैं.... साथियों कंपनियां प्राइवेट हॉस्पिटलों के साथ इसलिए एग्रीमेंट साइन करती हैं, क्योंकि उन्हें ना ही इन हॉस्पिटलों को रजिस्टर करवाना पड़ता है‌ और ना ही इनका रखरखाव करना अनिवार्य होता है.... मज़दूरों को यह बात समझनी होगी, क्योंकि वही इन हॉस्टलों में रहते हैं और अगर मज़दूरों ने मिलकर इसका विरोध नहीं किया तो उन्हें कई प्रकार की बीमारियों हो सकते हैं, जिस के इलाज के लिए कंपनियां तो पैसे देने से रही.... क्या आपके भी हॉस्पिटलों में समय-समय पर सफाई नहीं होती, तीन दबाकर उसे साझा करें