मानेसर से रवि और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं अंकित कुमार हैं वे साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि लॉक डाउन के बाद मजदूरों की स्थिति काफी ख़राब हो गई है। पहले बारह हजार रूपए महीना में मिलता था लेकिन अब आठ हजार ही मिल रहा है
मानेसर से रवि और इनके साथ एक मजदुर साथी हैं अंकित कुमार हैं वे साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि लॉक डाउन के बाद मजदूरों की स्थिति काफी ख़राब हो गई है। पहले बारह हजार रूपए महीना में मिलता था लेकिन अब आठ हजार ही मिल रहा है