दिल्ली एनसीआर के उद्योग विहार से नरेश कुमार वर्मा साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उनके एक मज़दूर साथी है ,जो एक कंपनी में काम करते है। इस कम्पनी में कई तरह से मजदूरों के साथ शोषण किया जाता है। जब कम्पनी ठेकेदार के माध्यम से अपने यहाँ नौकरी देती है , तो कुछ भी गलत होने पर उक्त ठेकेदार के विरुद्ध पूरा एक्शन भी लेना चाहिए । परन्तु कम्पनी ऐसा नहीं करती है ,क्योंकि कम्पनी को केवल कार्य से मतलब होता है। कम्पनी द्वारा प्रत्येक मजदूरों का खाता खुलाया गया फिर भी ठेकेदार के द्वारा कैश में वेतन दिया जाता है। ताकि सरकार को यह ज्ञात ना हो सके कि मजदूरों को कितना वेतन दिया जा रहा ह। अधिकतर ठेकेदार छः हजार से अधिक किसी भी मजदुर को वेतन नहीं देती है लेकिन जब सरकार द्वारा जाँच कि जाती है तो मजदूरों को यह समझा दिया जाता है कि वे किसी से भी यह ना कहें कि उन्हें छः हजार रूपए मिलता है। इस मुददे पर यदि कोई मजदुर आवाज उठाते हैं तो उन्हें नौकरीसे निकाल देने की धमकी दी जाती है। साथ ही मजदूरों को पीएफ का भी लाभ नहीं मिलता है। अतः इस समस्या पर जल्द से जल्द करवाई किया जाए।
