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पूर्वीसिंगभुम पोटका से अजय कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि हर माप-बाप अपने बेटे-बेटी का शादी कराते है पर यह नही सोचते है की उनके ससुराल वाले कैसे है,अगर ससुराल वाले माँ-पिता जैसे बर्ताव करेंगे तो बहुत ही अच्छा है और अगर वे सास-ससुर जैसे बर्ताव करने लगेंगे तो बहुत ही भयंकर परिणाम आता है,इसलिए बेटी की शादी सोच समझ कर करानी चाहिए,जहाँ उनको बेटी समझा जा सके ।
जमशेदपुर जिले से सुन्दर राजन गोप जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से उमा चली स्कूल पर अपनी राय देते हुए कहते है कि उमा के माता-पिता ने जो संकल्प लिया है उमा को आगे पढ़ाने का वो बहुत अच्छी बात है, हर माता-पिता की सोच यही होनी चाहिए। किसी भी बेटी को कम उम्र में शादी ना दे, कम उम्र में शादी करने से बहुत समस्याएं उत्पन्न हो जाती है,जैसे- गर्भपात के समय कुछ ऐसे समस्या आ जाती है जिसमे माँ-बच्चे में से एक को बचाना पड़ जाता है,जिसमे बच्चे के जन्म लेते ही माँ मर जाती है, ये सभी कम उम्र में शादी कर बच्चे करने की प्रक्रिया में होती है, इसलिए वे सभी से आवेदन करते है कि कम उम्र में बच्ची की शादी ना दे, और उनका पढ़ाये।
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जिला चतरा से बादल कुमार राणा मोबाइल वाणी के माध्यम से नारी शशक्तिकरण के बारे में कहते है की आप अपने बच्चो की कम उम्र में शादी ना करे उनके शारीरिक और मानसिक विकास के बारे में सोचकर चले जिससे ये आनेवाले समय में देश का नाम रौशन करे।इसलिए उम्र का खास ख्याल रखा जाए अन्यथा जड़ शादी करने से हमारे भारत देश में स्थिति गंभीर हो जाएगी।पुरे देश में शिक्षा का प्रभाव गिरता चला जायेगा लड़कियों की ।काम उम्र में शादी की परेशानी सभी को झेलना पड़ेगा अत: लोगो को अपनी बेटियों को कम उम्र में शादी नहीं करनी चाहिए एक ऐसा करेगा तो दूसरे भी देखकर ऐसा ही करेंगे।
जिला पूर्वी सिंघभूम से सुबोध कुमार भकत मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की उमा चली स्कूल जो कहानी चलायी जा रही है वो किशोरियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह कार्यक्रम हमलोगों के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक जो बताया गया उससे ये सीख मिलती है की बाल विवाह कानून जुर्म होते हुए आज ले रहा है विशाल रूप.आज हम देखे तो बाल विवाह कानूनन अपराध है फिर भी यहाँ बाल विवाह का प्रकोप जारी है।क्यूंकि पुराने विचारो वाले लोगो का कहना है की यदि लड़कियों को कम उम्र में विवाह कर दिया जाता है तो दहेज़ की मार से भी बचेंगे और लड़की अपने घर जाकर बसेंगी लेकिन वे लोग यह नहीं जानते है की हम अपनी लाड़ली की जान खतरे में डालेंगे यानी की कम उम्र में ब्याह कर देते है तो उनके लिए ये कितनी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
जिला पूर्वी सिंघभूम के पोटका प्रखंड से सुबोध कुमार भगत जी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि हमारे राज्य झारखण्ड में जहां लड़कियों की उम्र 11 से 12 वर्ष की होती है तो उन्हें विवाह के लायक समझा जाता है,इसलिए उनका कहना है कि जिनके भी भाई बहन झारखण्ड मोबाईल वाणी सुनते हैं ये जो नहीं सुनते हैं उन्हें भी मोबाईल वाणी के माध्यम से ये ये सन्देश दिया जाए की लोग बाल विवाह नहीं करें
प्रखंड बाघमारा जिला धनबाद से बीरबल महतो जी ने बाल विवाह पर एक गीत प्रस्तुत किया है जिसके माध्यम से वो कहना चाहते हैं कि बच्चो की कम उम्र में शादी नहीं करनी चाहिए
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पूर्वी सिंहभूम,प्रखंड पोटका से हिमांशु कुमार भगत जी झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है की आज भी हमारे समाज में बाल विवाह होता है पर इसमें कुछ अड़चन जरूर आयी है।क्योंकि सरकार ने बाल विवाह को रोकने के लिए छोटे बच्ची के जन्म पर पैसा बैंक में जमा करता है।और साथ ही जो शिक्षा का अधिकार है जिसमे बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। और समाज आज थोड़ा जागरूक हो रहा है क्योंकि बाल विवाह का जो परिणाम है वो लोगो को समझ में आ रहा है।बाल विवाह होने और कम उम्र में माँ बनने के कारण लड़कियों के स्वास्थ्य में बुरा प्रभाव पड़ता है।कहीं-कहीं माँ और बच्चे की मौत भी हो जाती है।लोग कुछ जागरूक हुए है बाल विवाह पर कुछ हद तक अंकुश लगा है।
