झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से आगजनी की घटनावों पर प्रकाश डालते हुए कहते है कि आगजनी के कई कारण हो सकते है जैसे कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से घर या कही भी आ लग सकती है. लोगो की लापरवाही के कारण भी घरो में आग लग जाती है जैसे कि जलता हुआ चूल्हा छोड देना इत्यादि। ठीक इसी तरह महुआ चुनने जाने वाले लोगो द्वारा भी जंगलो में आग लगाई जाती है जिससे कई जंगलो में आग फ़ैल जाती है। अत: किसी भी परिस्थिति में आग लगती हो हमें चाहिए की तुरंत दमकल को खबर करे ,और मोटर चलाकर पानी से आग को बुझाने का प्रयास किया जाए। इतना ही नहीं अगर किसी व्यक्ति को आग लग जाती है तो तुरंत उसे कम्बल दे कर बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि गर्मी के मौसम में हमारे देश में पानी की किल्लत हो जाती है।जो लोगो के लिए कभी कभी जानलेवा भी साबित हो जाता है। इसलिए लोगो को गर्मी के मौसम में पानी को बचाना चाहिए। गर्मी के दिनों में कुओं ,तालाबों ,पोखर के किनारे दस फ़ीट का गड्ढा बना देना चाहिए जिससे पानी को जमा किया जा सके। इससे पानी का संरक्षण हो जाता है। गर्मी के मौसम में जब कोई कही बाहर जाए तो अच्छी तरह से पानी पी कर और खाना खा कर निकले तथा खाने में प्याज को शामिल करे।साथ ही सर पर तौलिया या कपड़ा बांध कर और पानी अवश्य रखे। इस तरह से लू से बचा जा सकता है।
झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि हमारे देश में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत हो जाती है।जिस कारण लोग पानी के बचाव के उपाय सोचने लगते है।इस बढ़ती गर्मी में लोगों के सामने कई चुनौतियां भी आ जाता है.गर्मी के मौसम में आदमी,बच्चों तथा जानवरों को बचने का एक ही उपाय है कि जब घर से निकलते है तो खाना तथा पानी का बोतल लेकर निकलें तथा धुप से बचने के लिए छाता तथा मोटी तौलिया डालकर बाहर निकलना चाहिए।वही ठन्डे और पेय जल का भोजन करना चाहिए।इस बढ़ती गर्मी में प्रसाशन की ओर से भी मदद करनी चाहिए।ऐसे बहुत से लोग होते है जो जगह-जगह चौक चौराहों पर घड़ा में पानी और गुड़ चना रखते है जिससे लोगों की मदद हो सके।
