गौरव कुमार हजारीबाग से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है की की गर्मी के शुरू होते ही बिजली की बहुत ही परेशानी शुरू हो गयी है आय्दीन बिजली काटे जाने की समस्या रहती है इन्होने कहा हमे ऐसी सरकार को चुनना चाहिए जो हमे बिजली जैसी समस्याओ से मुक्त करे

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हजारीबाग,दारू से निहाल कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहते है कि आज के समय में लड़की को बोझ माना जाता है। आज के समय में लडकिया हर काम में आगे है फिर भी समाज उन्हें दवा कर रखता है। ऐसा नही होना चाहिए। उन्हें भी इस समाज में बेहतर जिंदगी जीने का हक़ है जितना पुरुष का। उन्हें भी अपना फैसला लेने का पूरा हक़ है।

जिला हजारीबाग से नेहाल कुमार झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि जिन-जिन स्त्रीयो को दहेज़ के लिए पीड़ित किया जाता है,वे तुरंत उसके खिलाफ आवाज उठाये और पुलिश में कम्पलेन करे।

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जिला हजारीबाग के दारू प्रखंड से गौरभ कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से दहेज़ प्रथा के बारे में बताते है कि वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष द्वारा दिया गया उपहार को लोगो द्वारा दहेज़ माना जाता है।यह प्राचीन काल से चली आ रही है आज यह प्रथा बुरे का रूप धारण कर ली है।जब कोई पिता अपनी कन्या को वस्त्र,समान,आभूषण देते है तो लोग उसे दहेज़ मान बैठते है।

हजारीबाग: गौरव कुमार कहते हैं कि दिनो-दिन दहेज़ प्रथा की समस्या बढ़ते जा रही है, आज कम पढ़े लिखे और बेरोजगार युवक भी अधिक दहेज़ की मांग करते हैं.जिससे गरीब माता-पिता को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.अत: हर युवा से अपील है कि वे जबरन दहेज़ का मांग न करें

हजारीबाग: गौरव कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि आज हर वो माता-पिता दहेज़ की चिंता सताने लगता है जिनकी दो बेटियां है. हर माता-पिता अपनी बेटी की शादी में उपहार स्वरुप कुछ सामान देते हैं लेकिन वर्तमान में लड़कियों को ससुराल की ओर से जबरन पैसे की मांग की जाती है.

जिला हजारीबाग से मोदम्मद मुजफ्फर हुसैन मोबाइल वाणी के मध्यम से ये कहना चाहते है कि महिला हिंसा का मूल करना है भारतीय समाज का पुरुष वादी मानसिकता का होना और महिलाओ को अपने वश में रखने का जरिया समझना। इसी बिच भारत में कुछ ऐसे आकड़े है जहा महिला ने कोई भी पद संभाला मगर उसका काम उसके पति करते है। देखा जाए तो एक भी एक महिला हिंसा में ही आता है। जब किसी महिला को इतनी आजादी नही मिल रही है कि वो अपना पद भर संभाले,अपना निर्णय स्वयम ले तो यह एक प्रकार का हिंसा है जो बहोत बड़ा अपराध भी है। यही समस्या सबसे बड़ी है आज इस देश में और यह तब तक नही रुकेगी जब तक महिलाए जागरूक नही होँगी।

जिला हजारीबाग से मोदम्मद मुजफ्फर हुसैन मोबाइल वाणी के मध्यम से ये कहना चाहते है कि महिला हिंसा का मूल करना है भारतीय समाज का पुरुष वादी मानसिकता का होना और महिलाओ को अपने वश में रखने का जरिया समझना। इसी बिच भारत में कुछ ऐसे आकड़े है जहा महिला ने कोई भी पद संभाला मगर उसका काम उसके पति करते है। देखा जाए तो एक भी एक महिला हिंसा में ही आता है। जब किसी महिला को इतनी आजादी नही मिल रही है कि वो अपना पद भर संभाले,अपना निर्णय स्वयम ले तो यह एक प्रकार का हिंसा है जो बहोत बड़ा अपराध भी है। यही समस्या सबसे बड़ी है आज इस देश में और यह तब तक नही रुकेगी जब तक महिलाए जागरूक नही होँगी।