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पूर्वीसिंहभूम:मंजू देवी ग्राम गदरा से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि घरेलु हिंसा किसी के भी साथ और किसी भी जगह पर हो सकता है बच्चे,व्यस्क या वृद्ध व्यक्ति के साथ.

पूर्वीसिंहभूम:माला देवी ग्राम गदरा से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि हमारे समाज में विधवा महिलाओं के साथ भेद-भाव किया जाता है उन्हें किसी भी पवित्र स्थान या कार्य करने के लिए रोक जाता है जो की घरेलु हिंसा के सूची में आता है.

पूर्वीसिंहभूम:जमशेदपुर से कृष्णा कुमार चौधरी झारखण्ड मोबाइल वाणी के घरेलु हिंसा पर एक अनुभव बांटा है जिसमे उन्होंने बताया है कि एक टाटा मोटरस से सेवानिवृति हो चुके वृद्ध व्यक्ति के बारे में है जिन्हें वृधावस्था में उनके बेटे उनका देख भाल नही कर रहे हैं.

पूर्वीसिंहभूम:जमशेदपुर से ज्ञानेंद्र मांझी ने ग्राम गदरा से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते कि जिन बच्चो की माता-पिता के मृत्यु बचपन में ही हो जाता है और उनके घर के बाकि सदस्यों द्वारा उनका देखभाल सही तरह से नही करते हैं तो यह भी एक प्रकार का घरेलु हिंसा है.

जिला जमशेदपुर से विश्वजीत झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं माया टुडू ने बताया कि अधिकतर पुरुष दारू पि कर आते हैं और मार पिट करते हैं घर का सम्मान सब भी बेच देते है अगर महिला घर में कुछ पैसा भी रखी है तो उसे भी मांग कर ले जाते हैं।

जिला जमशेदपुर से गीता झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से बताती हैं कि एक महिला का उसका पति 2014 में डेथ किया है,अभी उस महिला के साथ उसके ससुराल वाले पूरा परेसान कर रहा है उसको,अगर महिला थाना जाती है तो थाना वाला उसको डाटता है फिर उसके घर वाले को डाटता है तो घर वाले चुप हो जाता है फिर जब थाना वाला चला जाता है तो उसके घर वाले उसको फिर तंग करते हैं,उस महिला को सुरक्षा मिलना चाहिए।

जिला जमशेदपुर से विश्वजीत झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से विश्व प्रिय बताती हैं कि उनके गाँव में एक महिना पहले एक महिला को डायन बोल कर उसे उसे दोष दिया जाता है और उससे मार पिट करने लगता है,महिला अगर थाना जाती है पर उसका कोई सुनुवाई नहीं की जाती है। एक साल पहले भी एक महिला को डायन बोलकर दो लड़का कुआ में धकेल दिया था। ऐसा घटना में सुधार होना चाहिए।

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पूर्वी शुहभूम जमशेदपुर से विश्वजीत झारखण्ड मोबाइल माध्यम से सहिया से साक्षात्कार करते हुए कहते है कि घरेलु हिंसा न केवल पीड़ित महिला को सहनी पड़ती है बल्कि उससे जुड़े लोगो को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है, इन्होने बताया महिलाये अपने बच्चो का टीकाकरण भी नहीं कर सकती है क्यो कि वे इस बात के लिए भी घर से बहार नहीं जा सकती,अपनी पुरानी विचारधारा के वजह से भी महिलाओ को प्रताड़ित किया जाता है, इन्होने बताया अक्सर पति शराब पि कर भी घर कि महिलाओ को प्रताड़ित करते है