रांची:ओरमांझी से वासीदा खातुन जी बाल यौन शोषण पर दो शब्द : बच्चो को अकेले एवं अनजान व्यक्ति के साथ जाने न दे।

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रांची,ओरमांझी से फूलकुमारी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से सभी को ये कहना चाहती है कि बाल यौन शोषण के खिलाफ हमें आवाज उठानी चाहिए।अगर ऐसे ही सभी चुप रहे तो ये और भी बढ़ता ही जाएगा। हमारे समाज में जो भी बाल यौन शोषण जैसे अपराध कर रहा है उसके खिलाफ हमें आवाज उठानी चाहिए और उस वयक्ति की शिकायत पुलिस में करनी चाहिए और इस तरह से उन्हें सजा भी मिलेगा साथ ही साथ इस तरह के ठोश कदम को देख के जो ये करना चाहता है उसको भी डर होगा इस अपराध को करने से पहले

रांची,ओरमांझी से वासीदा खातुन मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहती है की बच्चो के साथ बहुत बुरा बर्ताव हो रहा है।उसमे माता-पिता को सम्भलना चाहिए तथा बच्चो में दबाव नहीं डालना चाहिए। बच्चो से बहला-फुसला के बात पूछना चाहिए तथा दबाव नहीं डालना चाहिए।

रांची,ओरमांझी से फूलकुमारी देवी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहीं हैं कि लड़कियां आजकल कहीं भी सुरक्षित नहीं है, हर जगह चाहे वो स्कुल,कॉलेज व ट्यूशन हो शोषण का शिकार होतीं ही है, इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाय।

रांची : मीणा देवी ओरमांझी रांची से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बाल यौन शोषण के लिए कोई व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। इसके लिए शोषण करने वाले और शोषण सहने वाले दोनों बराबर के जिम्मेदार होते हैं। कई बार ऐसा होता है की किसी लड़की के साथ शोषण होते रहता है पर वे किसी से कहती नहीं है और ना ही शोषण करने वाले का विरोध करती है।

रांची:रेशमा परवीन ओरमांझी,रांची से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बच्चों को शारीरिक और मानशिक दोनों तरह से प्रताड़ित किया जाता है। यही वजह है कि बाल यौन शोषण का बच्चों पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है। बच्चे इतने सदमे में आ जाते हैं कि उनका पढ़ाई लिखई जैसे दूसरे कामों में मन नहीं लगता। वे अपने आप में ही घुटते रहते हैं। अत: बच्चों के के साथ प्यार से

रूपा देवी ओरमांझी रांची से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक 12 वर्षीय बाल शोषण की शिकार बच्ची के बारे में बताती हैं। उनका कहना है कि बच्ची अपने ही घर में अपने माता-पिता और भाई के द्वारा हर रोज प्रताड़ित किया जाता है। बच्ची हर समय डरी और सहमी रहती है।

रूपा देवी ओरमांची,रांची से झारखण्ड मोबले वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बहुत सारे माता-पिता अपने बच्चों को यह कहकर उच्च शिक्षा के लिए नहीं पढ़ना चाहते हैं कि घर से बाहर जाने के बाद बच्चे बाल यौन शोषण के शिकार होंगें। खास कर ऐसी प्रथा मुस्लिम समुदाय में अधिक देखा जाता है

रांची:रेशमा परवीन ओरमांझी,रांची से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बाल यौन शोषण हमारे समाज एक गंभीर समस्या हैं। इससे पीड़ित बच्चे मन ही मन में घुटते रहते हैं और उनका किसी काम में मन नहीं लगता। बाल यौन शोषण के बच्चो के भविष्य ख़राब हो रहा है

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Oct. 21, 2014, 8:46 p.m. | Location: 10: JH, Dhanbad, Baghmara | Tags: int-CSA   unicef   | Category: Social Issues