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जैसा की आप सब ने बताया की वर्षा जल संचयन के बहुत सारे पारम्परिक तरीके है, पर संचयन के बाद ​​आप ​इस पानी का इस्तेमाल ​ कैसे करते हैं ?​ ​क्या आप संचित जल का उपयोग सिचाई ​या ​मछली पालन के लिए करते हैं या फिर किसी ​और​ काम के लिए ? ​वैसे आप को पता तो है न की ठहरे हुए साफ पानी में मच्छर भी पनप सकते है ? तो ऐसे में, पानी को मच्छर के प्रजनन भूमि बनने से रोकने के लिए आप क्या करते है ?​ ग्रामीण इलाकों में सिंचाई या मछली पालन तो हो सकता है पर अगर कोई शहरी क्षेत्र में रहते है या फिर ऐसी स्थिति में रहते है जहाँ खेती और मछली पालन संभव नहीं है वे वर्षा जल का और किस तरीके से उपयोग कर सकते है ? क्या आप ने कुछ अलग तरीके से इस पानी को उपयोग करने की कोशिश की है ? आप को क्या लगता है, आप की कोशिश लोगो के ज़िन्दगी में बदलाव लेन में कितनी शक्षम होगी?

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झारखंड राज्य के बोकारो जिला के पेटरवार प्रखंड से सुषमा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है।लेकिन यह कानून सिर्फ कागज पर ही सिमट कर रह गया है।जिसकारण इसका नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा है।वही बच्चे अच्छे शिक्षक के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं ले पाते है।सरकार द्वारा इसके लिए करोड़ो रूपये खर्च किये जाते है लेकिन कई बच्चों को अभी तक पुस्तक नहीं मिल पाई है जिसकारण बच्चे पढ़ाई से वंचित है ।

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