जिला लातेहार,प्रखंड मनिका से भूषण कुमार साथ में ज्यों द्रेज़ झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से राष्टीय खाद सुरक्षा अधिनियम जो की 2013 में पास हुआ है और अभी झारखण्ड में लागू हो रहा है उसके बारे जानकारी देते हुए बता रहे है की राष्टीय खाद सुरक्षा अधिनियम के तहत लोगो को तीन अधिकार मिले है 1- की जन वितरण प्रणाली से सस्ता आनाज मिले ,झारखण्ड की बात करे तो 1 रूपया प्रति किलो चावल मिले और 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह मिले और झारखण्ड राज्य में ग्रामीण क्षेत्र में इसका कवरेज होना चाहिए लगभग 86%. दूसरा अधिकार है मातृत्व लाभ जैसे की कोई गर्भवती महिला है तो एक एक बच्चे पर 6 हजार का लाभ उन्हें देने का प्रावधान है। और तीसरा की आंगनबाड़ी के द्वारा बच्चो को पका -पकाया भोजन मिले। इस अधिनियम के तहत इन्होने 8 ग्रामो का सर्वे किया जिससे पता चल सके की मनिका प्रखंड में कहा तक राशन कार्ड का वितरण हो पाया है सर्वे से पता चला है की 23 % परिवार है जिन्हें अभी तक राशन कार्ड नहीं मिला है। जबकि सभी लोग योग्य है, औसत प्रतिशत के हिसाब से हर कार्ड में एक वयक्ति का नाम छुटा हुआ है और ,यहाँ के डीलर हरेक कार्ड पे 2 किलो अनाज काटते है जो की गंभीर समस्या है अभी सारे डीलर का कमीशन बढ़ने जा रहा है। मनिका प्रखंड में अभी 3000 कार्ड का वितरण करना बाकी है। छुटा हुआ नाम को जोड़ने की प्रक्रिया को पूरा करना है। आनाज चोरी करने वाले डीलरो पर कारवाई कर उन्हें डिसमिस किया जाए और उनके जगह पे महिला समूहो को राशन दुकान चलाने दिया जाए।ज्यों द्रेज़ कहते है की कुछ ग्रामो में राशन दुकान बहुत दूर है कोई कोई दुकान पांच किलोमीटर दूर है तो इस तरह की कमी को दूर करना है। आदिम जनजाति परिवार जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशा अनुसार अंत्योदय कार्ड का अधिकार है अभी तक कई लोग उस कमिटी में से है जिन्हें अंत्योदय कार्ड नहीं मिला जबकि इसकी सूचि सरकार के पास है की कितने परिवार है कहा है तो उन्हें प्राथमिकता के अनुसार अंत्योदय कार्ड देना जरुरी है। इसके अतिरिक्त जन वितरण प्रणाली दुकान में तेल और दाल दिया जाए और अन्त्योदय कार्ड का जो कोटा है उसे बढ़ाना चाहिए। साथ ही बीपीएल परिवार जिनको पहले 35 किलो अनाज दिया जाता था उसे कम कर दिया गया है तो उसे भी बढ़ाने की जरुरत है।
