रमेश कुमार मायटी बोकारो चास से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर भोजन सम्बंधित कुछ बाते करना चाहते है और कहते है कि हम क्या खाये और क्या नही खाये,स्वस्थ रहने के लिये क्या खाये,इस पर हम विचार नहीं करते, हम तो सिर्फ मौज ,मस्ती के लिये खाते है और शारीर कि चिंता डाक्टरों पर छोड़ रखी है आज हमारा ध्यान तभी शारीर पर जाता है जब हमें ज्यादा तकलीफ महसुस होती है अत: आदमी अपने शारीर का ही सगा नहीं होता है तो वह किसी और का क्या होगा. इसलिए हम आज स्वार्थी हो गए है अत: रमेश जी का कहना है कि जब मृत्यु को प्राप्त नहीं होते तब तक आपको स्वर्ग नहीं प्राप्त होता है अत:रमेश जी झारखण्ड मोबाइल के माध्यम से लोगों को यह संदेस देना चाहते है कि स्वस्थ शारीर में ही स्वस्थ विचार और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है .
