झारखण्ड राज्य के झिरपि गावँ से टेक अंसारी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे एक समाज सेवी हैं। वे बताते हैं कि कोरोना वायरस को लेकर झारखण्ड सरकार की ओर से गरीब मजदुर को मदद के रूप में राशन ,चावल गेहूं या राशि देने का प्रावधान निकाला गया है। साथ ही सरकार द्वारा राशन वितरण एवं विभिन्न सुविधाओं को गरीबों तक पहुंचने का प्रयास भी किया जा रहा है और इसके लिए मुखिया एवं पंचायत के माध्यम से गरीबों तक मदद भी पहुंचाई जा रही है। लेकिन सरकार को मुखिया या पंचायत प्रतिनिधि को राशन वितरण की जिम्मेदारी न देकर सीधे गरीब मजदूरों के हाथों में राशन देना चाहिए। क्योंकि मुखिया या पंचायत प्रतिनिधि दो चार लोगों को लेकर प्रेस या मिडिया में फोटो खिंचवा लेते हैं और कहते हैं की मैंने सभी गरीबों के बीच राशन कर दिया है। जबकि हकीकत कुछ और ही बयां करती है। जिनके लिए सरकार राशन भेजते हैं वो इससे वंचित रह जाते हैं।