कोडरमा से बसंत मेहता जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि डोमचांच अस्पताल कि स्थिति दैनीय है। वहाँ पर कोई महिला डॉक्टर नहीं है जिसके कारण गाँव के महिलाये किसी तरह से भाड़ा लगाकर सुबह ही आती हैं लेकिन चार पाँच घंटे इंतजार करने पर भी उसका इलाज़ नहीं हो पाता है। बताते हैं कि यहाँ पर नर्स के सहारे पूरा हॉस्पिटल छोड़ा गया है वैसे पुरुष डॉक्टर है पर कोई नियमित रूप से नहीं आते हैं और आते हैं तो मनमानी तरीके से बैठते है। ग्रामीण छेत्र से जो मरीज आते हैं वो सरकारी लाभ नहीं ले पाते हैं जिसके कारण ग्रामीणो में काफी आक्रोश है। लोग सरकार से महिला डॉक्टर का माँग कर रहे हैं जिससे जो महिलाओ को लाभ होगा ख़ास कर उसे जो महिला गर्भवती होती है।