झारखंड राज्य के चतरा जिला के प्रतापपुर प्रखंड से अनिल चौधरी मोबाइल वाणी के माधयम से कहते है कि आज पंचायती राज व्यवस्था के सात साल हो गए है,परन्तु अभीतक इनके गांव में मुखिया द्वारा कोई भी विकास कार्य नहीं किया गया है और इस तरह से इतने साल बीत जाने के बाद भी पंचायतों में कोई खास बदलाव नहीं हो पाया है।उन्होंने बताया कि उनके गांव में शौचालय बहुत बनाये गए है,परन्तु शौचालय निर्माण का जाँच करने के लिए मुखिया एक बार भी नहीं आते है। इतना ही नहीं गांव के किसी भी व्यक्ति का देखभाल मुखिया द्वारा नहीं किया जाता है। मुखियां कुछ विशेष व्यक्तियों का ही ख्याल रखते हैं एवं उन्हें ही योजना का लाभ देते है। लाल कार्ड में गलती रहने पर उसे सही करने के लिए मुखिया का कोई योगदान नहीं है और न ही इसपर कोई जवाब देते है। इसलिए इनका कहना है कि लाल कार्ड का सुधार जल्द से जल्द किया जाये।
